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माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण हो जाने पर वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की है। इस उद्येश्य की प्राप्ति के लिए केन्द्र सरकार ने एंक व्यापक मिशन "2022 तक सबके लिए आवास" शुरू किया है। 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बहुप्रतीक्षित योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
Hon’ble Prime Minister envisioned housing for All by 2022 when the Nation completes 75 years of its Independence. In order to achieve this objective, Central Government has launched a comprehensive mission “Housing for All by 2022”. This much awaited scheme has been launched by the Prime Minister of India, Sh. Narendra Modi on 25th June, 2015 as Pradhan Mantri Awas Yojana.

26 May, 2018

PM’s address at inauguration of Bangladesh Bhavan at Santiniketan in West Bengal

Saturday, May 26, 2018 0
PM’s address at inauguration of Bangladesh Bhavan at Santiniketan in West Bengal

मित्र राष्ट्र बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना जी, सम्माननीय अतिथिगण, मुखयमंत्री जी, गवर्नर साहब, साथियों।

‘बांग्लादेश भवन’ भारत और बांग्लादेश के सांस्कृतिक बंधुत्व का प्रतीक है। यह भवन दोनों देशों के करोड़ों लोगों के बीच कला, भाषा, संस्कृति, शिक्षा, पारिवारिक रिश्तों और अत्याचार के खिलाफ साझा संघर्षों से मजबूत हुए रिश्तों का भी प्रतीक है। इस भवन के निर्माण के लिए मैं शेख हसीना जी का और बांग्लादेश की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।

गुरुदेव टैगोर, जो भारत और बांग्लादेश दोनों देशों के राष्ट्रीय गान के रचयिता हैं, उनकी कर्मभूमि पर, रमज़ान के पावन महीने में, इस भवन का उद्घाटन बहुत खुशी का अवसर है।

साथियों, इस विश्वविद्यालय व इस पवित्र भूमि का इतिहास बांग्लादेश की आज़ादी, भारत की आज़ादी, और उपनिवेशकाल में बंगाल के विभाजन से भी पुराना है। यह हमारी उस साझा विरासत का प्रतीक है जिसे न तो अंग्रेज बांट पाए और ना ही विभाजन की राजनीति। इस साझा विरासत के गंगासागर की अनगिनत लहरें दोनों देशों के तटों को समान रुप से स्पर्श करती हैं। हमारी समानताएं हमारे सम्बन्धों के मजबूत सूत्र हैं।

बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान को जितना सम्मान बांग्लादेश में मिलता है उतना ही हिंदुस्तान की धरती पर भी मिलता है। स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी के लिए जो भावना भारत में है, ठीक वैसी ही बांग्लादेश में भी देखने को मिलती है।

विश्व कवि टैगोर की कविताएं और गीत बांग्लादेश के गांव-गांव में गूंजते हैं, तो काज़ी नज़रूल इस्लाम जी की रचनाएं यहां पश्चिम बंगाल के गली-कूचों में भी सुनने को मिलती है ।

बांग्लादेश की कई गणमान्य विभूतियों के नाम इस विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं। इनमें रिजवाना चौधरी बन्न्या, अदिति मोहसिन, लिली इस्लाम, लीना तपोशी, शर्मीला बनर्जी, और निस्सार हुसैन जैसी हस्तियाँ शामिल हैं ।

गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की दूरदृष्टी का परिणाम यह संस्था हमारी राजनीतिक सीमाओं और बंधनों से परे है। गुरुदेव स्वयं एक स्वतन्त्र विचार के व्यक्ति थे, जिन्हें किन्ही सीमाओं के बंधनों ने नहीं बांधा । वे जितने भारत के हैं, उतने ही बांग्लादेश के भी हैं। गगन हरकारा और लालन फ़क़ीर के बंगाली लोक संगीत से उनका परिचय बांग्लादेश की धरती पर ही हुआ था। अमार शोनार बांग्ला की धुन के लिए उन्हें गगन हरकारा से प्रेरणा मिली थी। बौल संगीत का प्रभाव रविन्द्र संगीत में साफ़ सुनाई देता है।

खुद बंगबंधु भी गुरुदेव के विचारों और उनकी कला के बहुत बड़े प्रशंसक थे। यह टैगोर के Universal Humanism का ही विचार था जिसने बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान को प्रभावित किया था। गुरुदेव का ‘शोनार बांग्ला’ बंगबंधु के मंत्रमुग्ध कर देने वाले भाषणों का एक अहम हिस्सा था। टैगोर के Universal Humanism का विचार ही हमारे लिए भी प्रेरणा है। हमने अपने शब्दों में उसे ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र में परिलक्षित किया है।

साथियों, आने वाली पीढ़ियाँ, वे चाहे बांग्लादेश की हों या फिर भारत की, वे इन समृद्ध परंपराओं, इन महान आत्माओं के बारे में जानें और समझें, इसके लिए हम सबको प्रयास करते रहना होगा। हमारी सरकार के सभी सम्बन्धित अंग, जैसे भारत का उच्चायोग तथा अन्य संगठन और व्यक्ति, भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद इस काम में लगे हुए हैं।

आज जैसे यहां पर ‘बांग्लादेश भवन’ का लोकार्पण किया गया है, वैसे ही बांग्लादेश के कुश्तिया जिले में गुरुदेव टैगोर के निवास “कुठीबाड़ी” के renovation का जिम्मा हमने उठाया है।

साथियों,इस साझा विरासत और रबीन्द्र संगीत की मधुरता ने हमारे संबंधों को अमृत से सींचा है और हमें सुख-दुःख के एक सूत्र में पिरोया है। यही कारण है कि बांग्लादेश की मुक्ति के लिए संघर्ष भले ही सीमा के उस पार हुआ हो, लेकिन प्रेरणा के बीज इसी धरती पर पड़े हैं। अत्याचारी सत्ता ने अपने स्वार्थ के लिए घाव भले ही बांग्लादेश के लोगों को दिए हों, लेकिन पीड़ा इस तरफ महसूस की गई। यही कारण है कि जब बंगबंधु ने मुक्ति का बिगुल बजाया तो करोड़ों भारतीयों की भावना भी उस मुहिम के साथ स्वत: जुड़ गई। अत्याचार और आतंक के खिलाफ हमारे साझा संकल्प और उसका इतिहास इस भवन के जरिए भावी पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

साथियों, मुझे याद है कि पिछले वर्ष उस समय कितना भावुक वातावरण बन गया था जब दिल्ली में भारतीय सैनिकों को बांग्लादेश ने सम्मानित किया था। ये उन 1661 भारतीय सैनिकों का सम्मान ही नहीं था जिन्होंने बांग्लादेश की आजादी के लिए बलिदान दिया था, बल्कि ये उन करोड़ों भावनाओं का भी सम्मान था जो इस पूरे संघर्ष में बांग्लादेश के एक-एक मुक्ति योद्धाओं के साथ जुडी हुई थी। ऐसा बहुत कम होता है जब पड़ोसी देश एक दूसरे के सैनिकों को इस प्रकार का सम्मान देते हैं।

साथियों, पिछले कुछ वर्षों से भारत और बांग्लादेश के संबंधों का शोनाली अध्याय लिखा जा रहा है। Land boundary व समुद्री सीमाओं जैसे जटिल द्विपक्षीय विषय, जिन्हें सुलझाना किसी समय लगभग असंभव माना जाता था, वे अब सुलझ चुके हैं। चाहे सड़क हो, रेल हो या अंतर्देशीय जलमार्ग हों, या फ़िर coastal shipping, हम connectivity के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 1965 से बंद पड़ी connectivity की राहें एक बार फ़िर खोली जा रही हैं, और connectivity के नए आयाम भी विकसित हो रहे हैं।

पिछले साल ही कोलकाता से खुलना के बीच air conditioned train service शुरु की गई। इसको हमने बंधन का नाम दिया है, यानि मैत्री। और बंधन के रास्ते पर हम अपने रिश्तों को आगे बढ़ा रहे हैं।

भारत से बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति निरंतर हो रही है। अभी यह 600 मेगावाट है। इस साल इसको बढ़ाकर 1100 मेगावाट करने का लक्ष्य है।

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में internet का एक connection बांग्लादेश से भी आ रहा है। बांग्लादेश के विकास के लिए जो प्राथमिकताएं प्रधानमंत्री शेख हसीना जी ने चुनी हैं, उनमें सहयोग के लिए भारत ने 8 billion dollars की lines of credit का प्रावधान किया है। इनके क्रियान्वयन में अच्छी प्रगति है, projects की पहचान हो चुकी है और कुछ के लिए तो credit भी दे दिया गया है।

बांग्लादेश Space Technology में भी आगे बढ़ रहा है। हाल में ही बांग्लादेश ने अपना पहला Satellite, बंगबंधु, launch किया है। इसके लिए भी प्रधानमंत्री जी और बांग्लादेश की जनता को बहुत-बहुत बधाई। आज भारत में हम Space Technology का इस्तेमाल गरीब का जीवन स्तर ऊपर उठाने और सिस्टम में Transparency लाने के लिए कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि भविष्य में Space Technology के क्षेत्र में भी हम दोनों देशों के बीच सहयोग के नए द्वार खुलेंगे।

मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना जी और हमारे बीच लगातार संपर्क से दोनों देशों के बीच सहयोग को और ऊर्जा मिल रही है। वो पिछले वर्ष भी भारत आईं थीं और इस कार्यक्रम में भी उनकी स्वयं की उपस्थिति, इस कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ा रही है।

साथियों, हमारी आशांएं और आकांक्षाएं जितनी समान हैं उतनी ही हमारी चुनौतियां भीं हैं। जलवायु परिवर्तन का संकट हमारे सामने है। लेकिन अगर दहकता हुआ सूरज हमारे लिए चुनौतियां लाने वाला है, वहीं अवसर भी उसी की रोशनी से पैदा होते हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना जी ने 2021 तक बांग्लादेश के लिए Power To All का विजन रखा है। और यहां भारत में हमने अगले साल तक देश के हर घर तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने का target रखा है। हम देश के हर गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पहले ही पूरा कर चुके हैं। हमारे संकल्प समान हैं, और उन्हें सिद्ध करने की राह भी एक-सी है।

साथियों, भारत ने International Solar Alliance का Initiative लिया है। दुनिया के कई देश इस Alliance का हिस्सा बन चुके हैं। यह Alliance दुनिया भर में solar power की capacity को explore करेगा और अलग-अलग देशों को funding का एक mechanism भी तैयार करेगा। मुझे प्रसन्नता है कि बांग्लादेश भी Solar Alliance का हिस्सा है। इस वर्ष मार्च में दिल्ली में International Solar Alliance का summit हुआ। हमें बहुत प्रसन्नता हुई कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति उस summit में शामिल हुए। ये दिखाता है कि सीमा के दोनों तरफ चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए सहयोग की इच्छा कितनी प्रबल है।

पिछले महीने मैं बांग्लादेश के 100 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल से मिला था। मैंने पाया कि उनकी आकांक्षाएं, उनके सपने, भारत के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों जैसी ही हैं। और दोनों देशों के विकास के लिए, हमारे युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए, हम साथ मिल कर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आज जब प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व में बांग्लादेश विकास की नई राह पर चल पड़ा है। आज जब बांग्लादेश ने developing economy का स्तर प्राप्त करने के सभी मानदंड पूरे कर लिए हैं तो जितना गर्व बांग्लादेश को है, उतना ही गर्व सारे भारत को भी है।

बांग्लादेश ने अपने सोशल सेक्टर में जिस तरह की प्रगति की है, गरीबों का जीवन आसान बनाने का काम किया है, मैं मानता हूँ वो हम भारत के लोगों के लिए भी प्रेरणा दे सकता है, ऐसा अद्भुत काम किया है।

साथियों, आज भारत और बांग्लादेश की विकास यात्रा के सूत्र, एक सुंदर हार की तरह एक दूसरे से गुंथ रहे हैं। दुनिया के कुछ हिस्सों में जिस तरह अनिश्चितता का माहौल बना है, विश्व में स्थितियां तेजी से बदल रही हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में एक ध्रुव सत्य हमारे सामने आया है, और वो है, प्रगति और समृद्धि के लिए, शांति और स्थिरता के लिए, सुख और सद्भाव के लिए, भारत और बांग्लादेश की मैत्री और हमारा आपसी सहयोग। इस सहयोग का विकास केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही नहीं हुआ है। Bimstec जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए हमारे सहयोग ने क्षेत्रीय प्रगति और कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा दिया है।

Friends, इन क्षेत्र की प्रगति में हर देश की प्रगति निहित है। समय के इस कालखंड में ये हम सभी के लिए एक अवसर की तरह आया है। आज भारत और बांग्लादेश, जिस मित्रता के साथ आगे बढ़ रहे हैं, एक दूसरे के विकास में सहयोग कर रहे हैं, वो दूसरों के लिए भी एक सबक है, एक मिसाल है, एक अध्ययन का भी विषय है।

साथियों, प्रधानमंत्री शेख हसीना जी ने बांग्लादेश को 2041 तक विकसित देश बनाने का जो लक्ष्य रखा है वह उनकी दूरदृष्टि और बंगबंधु, उस परम्परा का प्रतीक है, जो की हर बांग्लादेशी के हित की लगातार चिन्ता करती है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में भारत का पूर्ण सहयोग बना रहेगा।

शेख हसीना जी के यहां आने पर, मैं एक बार फिर आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी को बांग्लादेश भवन के उद्घाटन की पुन: बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। धन्यवाद।

Source: PMINDIA

PM visits Sindri, lays Foundation Stone of various development projects in Jharkhand

Saturday, May 26, 2018 0
PM visits Sindri, lays Foundation Stone of various development projects in Jharkhand

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, today laid the foundation stone of various projects of the Government of India and Government of Jharkhand, at an event in Sindri. These include:

Revival of Sindri Fertilizer Project of Hindustan Urvarak and Rasayan Ltd.
Ranchi City Gas Distribution Project by GAIL
All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), Deoghar
Development of Deoghar Airport
Patratu Super Thermal Power Project

He also witnessed the Exchange of MoUs for Jan AushadhiKendras.

Addressing the gathering, the Prime Minister paid homage to BhagwanBirsa Munda. He said that the State Government and the Union Government are working together for the rapid development of Jharkhand.

He said the total cost of the projects, for which foundation stones have been laid today, is Rs. 27,000 crore. He said these development projects will give opportunities to the youth of Jharkhand.

He said that when he assumed office, there were 18,000 villages lacking access to electricity. We worked to brighten the lives of people in these villages and took electricity there, he added. Now, we have gone a step further and we are ensuring every household in India has access to electricity, he said.

He said fertiliser plants which had stopped working are in the process of being revived. Eastern India will gain the most from this, he added.

The Prime Minister said that the healthcare sector in the State will be transformed with the establishment of AIIMS in Jharkhand. The poor will get access to top quality healthcare, he added.

The Prime Minister said that the Union Government has made air-travel accessible and affordable.

Source: PMINDIA

24 May, 2018

Indo-Dutch Startup Initiative: #StartUpLink to be Launched

Thursday, May 24, 2018 0
Ministry of Commerce & Industry

Indo-Dutch Startup Initiative: #StartUpLink to be Launched

Posted On: 23 MAY 2018 3:21PM by PIB Delhi

With the upcoming visit of the Netherlands’ Prime Minister Mark Rutte to India, Indo-Dutch ties across sectors are all set to get a major boost. The Dutch Prime Minister will be accompanied by the Dutch Ministers for Foreign Trade & Development Cooperation, Healthcare, Infrastructure & Water, and Agriculture & Food and a trade delegation comprising 220 participants, making this the biggest trade mission to India ever.

In an endeavour to further the spirit of innovation and entrepreneurship, Invest India (host to the Govt. of India’s initiative, ‘Startup India’ under the Ministry of Commerce and Industry) and the Dutch Government are jointly launching the Indo-Dutch #StartUpLink initiative. The official launch will take place on 25th May, 2018 at Taj West End Hotel, Bengaluru. The initiative will fulfil the twin objective of facilitating market expansion for startups in the two countries alongside fostering a joint sense of innovation and entrepreneurship.

The Indo-Dutch #StartUpLink is developed for Indian and Dutch startups that are exploring each other’s markets and offers access to key information, relevant networks, pilot opportunities, and navigators for the respective startup ecosystems. Startup India Hub under Invest India and Netherlands Enterprise Agency under the Ministry of Economic Affairs and Climate Change would act as single points of contact and navigators for their respective countries.

‘Clean Air’ India Ring, a critical component of the Indo-Dutch #StartUpLink, will be launched on 24th May at Taj Hotel, New Delhi by the Dutch Prime Minister, the Dutch Minister for Foreign Trade and Development Cooperation, Sigrid Kaag, Invest India and corporate partners. The initiative is a multi-corporate challenge that will test and scale innovations through collaboration between startups, corporates and governments by providing pilot opportunities for promising innovations that solve the problem of pollution. Indian and Dutch startups will be matched through this program to relevant corporates for the same.

As a partner for the Indo Dutch #StartUpLink, Shell has come on board with the aim of accelerating India’s transition to a sustainable energy future. Shell has established the Shell E4 Start Hub to enable and empower energy entrepreneurs in progressing their impactful solutions. As the first energy focused startup hub in India, Shell E4 is uniquely positioned in offering startups access to infrastructure (labs + co-working space), industry knowledge, subject matter expertise, funding, global connections and brand recognition, combined with a world-class accelerator program. In addition to the core offering, Shell will meet the needs of companies entering India by helping them with market assessment, business model development, regulatory and legal support, product/service development and testing, brand strategy and visual identity development.

A delegation of 10-12 Dutch startups is expected to visit India later this year and take part in a series of B2B and B2G meetings, exposure trips along with networking and pilot opportunities.

Startup India and its Dutch implementing partner Dutch Basecamp are also gearing up to organize startup missions from India to Netherlands.

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Source: PIB

Cabinet apprised of the MoU between India and Angola for promoting bilateral cooperation in the field of Electronics and IT

Thursday, May 24, 2018 0
Cabinet apprised of the MoU between India and Angola for promoting bilateral cooperation in the field of Electronics and IT

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi has been apprised of the Memorandum of Understanding (MoU) the between India and Angola for promoting bilateral cooperation in the field of Electronics and Information Technology.

The MoU intends to promote closer cooperation in the areas of e-Governance, HRD for IT education, Information Security, Electronics Hardware manufacturing, IT embedded Software industry, Telemedicine etc.

Background:

The Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) has been mandated to promote international cooperation in the emerging and frontier areas of Information and Communications Technology (ICT) under bilateral and regional framework of cooperation. MeitY has entered into MoUs/Agreements with counterpart organizations/ agencies of various countries to promote close cooperation and exchange of information in the area of ICT. To further enhance cooperation with various countries, particularly in view of the new initiatives taken by Government of India like “Digital India”, “Make in India” etc., there is an increased need for exploring business opportunities in the technology sector which are of interest.

MeitY negotiated a comprehensive MoU for a focussed cooperation in ICT areas such as in e-Governance, HRD for IT education, Information Security, Electronics Hardware manufacturing, IT embedded Software industry, Telemedicine etc. After negotiations the draft MoU was finalised and signed during the visit of Hon’ble Minister of State for External Affairs Mr. M.J. Akbar on behalf of MeitY, Government of India and Mr. Domingos Custodio Vieira Lopes, Secretary of State for International Cooperation and Angolan Communities, on behalf of Minister of Telecommunications and Information Technology, Government of Angola.

Source: PMINDIA

Cabinet approves MoU signed between India and France in the field of Renewable Energy

Thursday, May 24, 2018 0
Cabinet approves MoU signed between India and France in the field of Renewable Energy

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi has given its ex-post facto approval to the Memorandum of Understanding (MoU) signed between India and France in the field of Renewable Energy on 10th March, 2018 in New Delhi.

Both sides aim to identify research/ demonstration/ pilot project between National Institute of Solar Energy (NISE), India and Commissariat aI’EnergieAtomique et aux Energies Alternatives (CEA), France in the mutually identified areas. Based on mutual agreement, both parties would work for implementation & deployment of pilot project in ISA member countries. Collaboration may occur through several means, including joint research projects, joint R&D, joint workshops, Research and Technology exchange including exchange of domain experts. The MoU also aims for exchange of expertise and networking of information.

The MoU will help in strengthening bilateral cooperation between the two countries.

Source: PMINDIA


Cabinet approves MoU between India and Denmark on Food Safety Cooperation

Thursday, May 24, 2018 0
Cabinet approves MoU between India and Denmark on Food Safety Cooperation

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi has given its ex-post facto approval to the Memorandum of Understanding (MoU) between India and Denmark regarding cooperation in the areas of food safety. The MoU was signed on 16thApril 2018.

Benefits:

The MoU will help deepen bilateral ties, mutual understanding and trust, eventually strengthening both sides in their capacity building efforts towards food safety. It will further promote understanding of the best practices in the areas of food safety in both countries and in faster resolution of issues related to food safety.

The MoU will help improve food safety standard setting by getting access to best practices and facilitating food trade of important commodities.

Source: PMINDIA

Cabinet approves between India and Morocco on India-Morocco cooperation in Renewable Energy

Thursday, May 24, 2018 0
Cabinet approves between India and Morocco on India-Morocco cooperation in Renewable Energy

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi has given its ex-post facto approval for the Memorandum of Understanding (MoU) between India and Morocco on India-Morocco Cooperation in Renewable Energy.  The MoU was signed on 10th April, 2018 in New Delhi.

Both sides aim to establish the basis for a cooperative institutional relationship to encourage and promote technical bilateral cooperation on new and renewable energy issues on the basis of mutual benefit, equality and reciprocity. The MoU envisages establishing a Joint Working Committee to review, monitor and discuss matters relation to areas of cooperation. The MoU aims for exchange of expertise and networking of information.

The MoU will help in strengthening bilateral cooperation between the two countries.

Source: PMINDIA
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