माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण हो जाने पर वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की है। इस उद्येश्य की प्राप्ति के लिए केन्द्र सरकार ने एंक व्यापक मिशन "2022 तक सबके लिए आवास" शुरू किया है। 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बहुप्रतीक्षित योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
Hon’ble Prime Minister envisioned housing for All by 2022 when the Nation completes 75 years of its Independence. In order to achieve this objective, Central Government has launched a comprehensive mission “Housing for All by 2022”. This much awaited scheme has been launched by the Prime Minister of India, Sh. Narendra Modi on 25th June, 2015 as Pradhan Mantri Awas Yojana.

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16 February, 2018

PFRDA identifies 21 Banks as Makers of Excellence under Atal Pension Yojana Outreach Programme

Friday, February 16, 2018 0
Ministry of Finance

PFRDA identifies 21 Banks as Makers of Excellence under Atal Pension Yojana Outreach Programme;The Number of Current APY subscribers crosses 86 Lacs mark.

Posted On: 15 FEB 2018 1:59PM by PIB Delhi

With a view to bring the economically disadvantaged section of the society in the unorganized sector within the pension fold or old age income security coverage, Government had launched the Atal Pension Yojana (APY)in May 2015. ​                            ​

 Pension Fund Regulatory and Development A​uthority (PFRDA) in association with Department of Financial Services, Ministry of Finance conducts APY Outreach Programme on a regular basis. Accordingly, PFRDA has observed a Campaign namely, Makers of Excellence for the Chairmen and MDs of all the Public Sector Banks, Private Sector Banks, Regional Rural Banks, Cooperative Banks (Rural & Urban) & Department of Post for registration of subscriber under APY during the month of Dec 2017 for a fortnight.  Under the campaign, nearly, 6 lacs APY accounts were sourced by the APY Service Provider Banks. Targets were allocated to various banks to be achieved during the Campaign. A total of 21 banks- 6 Public sector banks, 14 Regional Rural Banks and 1 Cooperative Bank were able to achieve the target under the campaign and became the Makers of Excellence. PFRDA has planned to award the Top Management of the winning banks at the upcoming PFRDA Pension Conclave in national capital.

The winning B​anks and their performance is as below:

S. No. Name of the APY Service Provider Category Number of Branches Minimum No. of Funded Accounts to be Sourced under Makers of Excellence Campaign Actual No. of Funded Accounts Sourced under Makers of Excellence Campaign Remarks (Qualified/Not Qualified
1 CANARA BANK PSU 6,050 35,000 101,669 Qualified
2 INDIAN BANK PSU 2,588 15,000 76,823 Qualified
3 ANDHRA BANK PSU 2,903 15,000 57,315 Qualified
4 BANK OF BARODA PSU 5,460 30,000 42,665 Qualified
5 ALLAHABAD BANK PSU 3,143 20,000 30,029 Qualified
6 VIJAYA BANK PSU 1,603 10,000 28,241 Qualified
7 GRAMIN BANK OF ARYAVART RRB 700 3,500 5,915 Qualified
8 MADHYA BIHAR GRAMIN BANK RRB 698 3,490 5,507 Qualified
9 PRAGATHI KRISHNA GRAMIN BANK RRB 650 3,250 5,383 Qualified
10 PRATHAMA BANK RRB 412 2,060 5,288 Qualified
11 BARODA UTTAR PRADESH GRAMIN BANK RRB 924 4,620 5,125 Qualified
12 ANDHRA PRADESH GRAMEENA VIKAS BANK RRB 768 3,840 4,893 Qualified
13 BARODA RAJASTHAN KSHETRIYA GRAMIN BANK RRB 819 4,095 4,560 Qualified
14 PURVANCHAL BANK RRB 570 2,850 3,368 Qualified
15 KAVERI GRAMEENA BANK RRB 497 2,485 2,942 Qualified
16 DENA GUJARAT GRAMIN BANK RRB 234 1,170 2,322 Qualified
17 BIHAR GRAMIN BANK RRB 376 1,880 2,258 Qualified
18 CHAITANYA GODAVARI GRAMEENA BANK RRB 203 1,015 1,714 Qualified
19 PALLAVAN GRAMA BANK RRB 256 1,280 1,431 Qualified
20 SAPTAGIRI GRAMEENA BANK RRB 207 1,035 1,074 Qualified
21 THE BEGUSARAI CENTRAL COOPERATIVE BANK LTD DCCB 9 45 113 Qualified
The APY scheme became operational from 1st June, 2015 and is available to all citizens of India in the age group of 18-40 years. Under the ​S​cheme, a subscriber would receive a minimum guaranteed pension of Rs.1000 to Rs.5000 per month, depending upon his contribution, from the age of 60 years. The same pension would be paid to the spouse of the subscriber and on the demise of both the subscriber and spouse, the accumulated pension wealth is returned to the nominee.
The APY Scheme follows the same investment pattern as applicable to the NPS contribution of Central Govt employees. During the year 2016-17, it has earned a return of 13.91%.
The number of ​current APY Subscribers ha​s​ crossed 86​ lacs mark​. The yearly addition in APY enrollment is provided below:
APY Subscriber Addition (In Lacs)
Year 2015-16 2016-17 2017-18 ( till 13thFeb 2018) Total
No of Subscribers ( lacs) 24.84 23.99 37.63 86.46

Source: PIB
http://pib.nic.in/PressReleseDetail.aspx?PRID=1520642

पीएफआरडीए ने अटल पेंशन योजना पहुंच कार्यक्रम के अंतर्गत उत्‍कृष्‍ट निर्माताओं के रूप में 21 बैंकों की पहचान की; अटल पेंशन योजना ग्राहकों की संख्‍या 86 लाख से ऊपर पहुंची

Friday, February 16, 2018 0
वित्‍त मंत्रालय

पीएफआरडीए ने अटल पेंशन योजना पहुंच कार्यक्रम के अंतर्गत उत्‍कृष्‍ट निर्माताओं के रूप में 21 बैंकों की पहचान की;  अटल पेंशन योजना ग्राहकों  की संख्‍या 86 लाख से ऊपर पहुंची

प्रकाशन तिथि: 15 FEB 2018 4:34PM by PIB Delhi

  असंगठित क्षेत्र में समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को पेंशन अथवा वृद्धावस्‍था में आय सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए सरकार ने मई 2015 में अटल पेंशन योजना (एपीवाई) की शुरूआत की।

पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने वित्‍त मंत्रालय के वित्‍तीय सेवा विभाग के साथ नियमित आधार पर एपीवाई पहुंच कार्यक्रम चलाया। पीएफआरडीए ने दिसम्‍बर 2017 के दौरान एक पखवाड़े के लिए एपीवाई के अन्‍तर्गत ग्राहकों के पंजीकरण के लिए सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारिता बैंकों (शहरी और ग्रामीण) और डाक विभाग के अध्‍यक्ष और प्रबन्‍ध निदेशकों के लिए उत्‍कृष्‍टता निर्माता अभियान चलाया। इस अभियान के अर्न्‍तगत 6 लाख अटल पेंशन योजना खातों का स्रोत एपीवाई सेवा प्रदाता बैंक था। अभियान के दौरान विभिन्‍न बैंकों को लक्ष्‍य आंवटित किए गए। अभियान के अन्‍तर्गत लक्ष्‍य को हासिल करने वाले कुल 21 बैंकों में से 6 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 14 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और 1 सहकारिता बैंक शामिल थे। पीएफआरडीए ने विजयी बैंकों के शीर्ष प्रबन्‍धन को आगामी पीएफआरडीए पेंशन सम्‍मेलन में पुरस्‍कृत करने की योजना बनाई है।
Top of Form

क्र. सं. एपीवाई सेवा प्रदाता का नाम श्रेणी शाखाओं की संख्‍या उत्‍कृष्‍टता निर्माता अभियान के अन्‍तर्गत स्रोत बनाए गए निधि वाले खातों की न्‍यूनतम संख्‍या उत्‍कृष्‍टता निर्माता अभियान के अन्‍तर्गत स्रोत बनाए गए निधि वाले खातों की वास्‍तविक संख्‍या टिप्‍पणियां (योग्‍य/अयोग्‍य)
1 केनरा बैंक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम 6,050 35,000 101,669 योग्‍य
2 इंडियन बैंक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम 2,588 15,000 76,823 योग्‍य
3 आंध्रा बैंक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम 2,903 15,000 57,315 योग्‍य
4 बैंक ऑफ बड़ौदा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम 5,460 30,000 42,665 योग्‍य
5 इलाहाबाद बैंक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम 3,143 20,000 30,029 योग्‍य
6 विजया बैंक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम 1,603 10,000 28,241 योग्‍य
7 आर्यव्रत ग्रामीण बैंक आरआरबी 700 3,500 5,915 योग्‍य
8 मध्‍य बिहार ग्रामीण बैंक आरआरबी 698 3,490 5,507 योग्‍य
9 प्रगति कृष्‍ण ग्रामीण बैंक आरआरबी 650 3,250 5,383 योग्‍य
10 प्रथम बैंक आरआरबी 412 2,060 5,288 योग्‍य
11 बड़ौदा उत्‍तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आरआरबी 924 4,620 5,125 योग्‍य
12 आंध्र प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक आरआरबी 768 3,840 4,893 योग्‍य
13 बड़ौदा राजस्‍थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक आरआरबी 819 4,095 4,560 योग्‍य
14 पूर्वांचल बैंक आरआरबी 570 2,850 3,368 योग्‍य
15 कावेरी ग्रामीण बैंक आरआरबी 497 2,485 2,942 योग्‍य
16 देना गुजरात ग्रामीण बैंक आरआरबी 234 1,170 2,322 योग्‍य
17 बिहार ग्रामीण बैंक आरआरबी 376 1,880 2,258 योग्‍य
18 चेतन्‍या गोदावरी ग्रामीण बैंक आरआरबी 203 1,015 1,714 योग्‍य
19 पल्‍लवन ग्राम बैंक आरआरबी 256 1,280 1,431 योग्‍य
20 सप्‍तगिरी ग्रामीण बैंक आरआरबी 207 1,035 1,074 योग्‍य
21 द बेगूसराय सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड डीसीसीबी 9 45 113 योग्‍य

एपीवाई योजना 1 जून, 2015 से अस्तित्‍व में आई और 18-40 वर्ष की आयु वर्ग के भारत के सभी नागरिक इसका लाभ ले सकते हैं। योजना के अन्‍तर्गत किसी भी ग्राहक को 60 वर्ष की आयु से 1000 रुपये से 5000 रुपये प्रतिमाह न्‍यूनतम पेंशन की गांरटी है। पेंशन की यही राशि ग्राहक के जीवनसाथी को भी दी जाएगी और दोनों की मृत्‍यु होने पर पेंशन की जमा राशि नामित व्‍यक्ति को दे दी जाएगी।

एपीवाई योजना उसी निवेश पैटर्न का पालन करती है, जो केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों के एनपीएस योगदान पर लागू है। वर्ष 2016-17 के दौरान इसे 13.91 प्रतिशत रिटर्न मिला।

वर्तमान में एपीवाई ग्राहकों की संख्‍या 86 लाख से ऊपर है। वार्षिक अतिरिक्‍त एपीवाई नामांकन नीचे दिया गया है।
एपीवाई ग्राहक अतिरिक्‍त (लाख में)
वर्ष 2015-16 2016-17 2017-18 ( 13फरवरी 2018 तक) कुल
ग्राहकों की संख्‍या (लाख में) 24.84 23.99 37.63 86.46

Source: PIB
http://pib.nic.in/PressReleseDetail.aspx?PRID=1520660

15 February, 2018

Pradhan Mantri Awas Yojana Success Story

Thursday, February 15, 2018 0
Pradhan Mantri Awas Yojana Success Story 

Here is the collection of some beneficiaries who get benefited from PM Awas Yojana recently:

Devara Atchiyamma, a beneficiary from GVMC, Andhra Pradesh alongside her newly constructed BLC dwelling.

Perla Devi, a beneficiary from Anakapalli, Andhra Pradesh, alongside her BLC dwelling built under PMAY(Urban).

Konathala Raju Venkata Apparao, a beneficiary from Anakapalli, Andhra Pradesh, alongside his BLC house built under PMAY (Urban).

Paluru Padmavathi, a PMAY beneficiary alongside her BLC house in Mydukur, Andhra Pradesh.

A beneficiary alongside his newly constructed BLC dwelling built under PMAYUrban in Naya Raipur, Chhattisgarh.

A Beneficiary Led Construction (BLC) house built under PMAYUrban in Durg city, Chhattisgarh.

A Beneficiary Led Construction (BLC) dwelling built under PMAYUrban in Durg, Chhattisgarh.
A beneficiary alongside her newly constructed BLC House built under PMAYUrban at Puzhal, Chennai.
Source : #PMAYUrban / MHUPA

14 February, 2018

पैसों की कमी के चलते गरीबों के मकान बनाने का काम न रुके और समयावधि में पूरा हो जाए, इसके लिए नगर निगम 200करोड़ रुपए का लोन लेगा

Wednesday, February 14, 2018 0
पैसों की कमी के चलते गरीबों के मकान बनाने का काम न रुके और समयावधि में पूरा हो जाए, इसके लिए नगर निगम 200 करोड़ रुपए का लोन लेगा

पत्रिका, इंदौर . प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 स्थानों पर निर्माण चल रहा है और कई जगह शुरू होने वाला है। पैसों की कमी के चलते गरीबों के मकान बनाने का काम न रुके और समयावधि में पूरा हो जाए, इसके लिए नगर निगम 200करोड़ रुपए का लोन लेगा। बैंकों से ऑफर बुलवाने के लिए टेंडर जारी किए हैं। जो बैंक ब्याज दर कम रखेगी, उससे लोन लिया जाएगा। भूरी टेकरी के साथ लिंबोदी, बुढ़ानिया, देवगुराडिय़ा, बड़ा बांगड़दा और गोम्मटगिरी के सामने निर्माण चल रहा है। कलेक्टर और आईडीए से मिली जमीन पर निर्माण के लिए टेंडर जारी किए हैं। गरीबों के अलावा मध्यमवर्गीय लोगों के लिए भी मकान बनेंगे, जो लोगों को बैंक से लोन दिलाकर आसान किस्तों और सब्सिडी पर दिए जाएंगे।

जरूरत पडऩे पर लेंगे पैसा 
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निगम 200 करोड़ रुपए का लोन तो ले रहा है, लेकिन इस पैसे का उपयोग तभी किया जाएगा, जब जरूरत होगी। पैसों की कमी के कारण काम न रुके, इसलिए लोन अभी से लिया जा रहा है। 
ऐसे जमा होगी किस्त 
200 करोड़ के लोन की किस्त एलआईजी, एमआईजी और कमर्शियल फ्लैट बेचकर मिलने वाले पैसों से भरी जाएगी। कारण गरीबों को मकान देने के बाद निगम को बैंक से उन्हें लोन करवाकर देना है और पैसा किस्तों में मिलेगा। पहले 10 प्रतिशत, फिर 30-30 प्रतिशत पैसा अलग-अलग साल में मिलेगा। टारगेट 67 हजार का, बन रहे 5 हजार निगम सीमा में योजना के तहत बहुमंजिला इमारत में 67 हजार यूनिट यानी फ्लैट बनाने का टारगेट है। अब तक काम 5 हजार फ्लैट का ही शुरूहुआ है।

एसबीआई ने दिया ऑफर, पर नहीं लिया 
टेंडर से पहले निगम अफसरों ने कुछ बैंकों से बात की। इंटरनेशनल बैंक 8.8 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन देने को राजी हुई। एसबीआई 8 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दे रही थी। सिर्फ एसबीआई का ऑफर आने पर लोन लेने से कई सवाल खड़े हो जाते, इसलिए अन्य बैंकों से भी टेंडर जारी कर ऑफर बुलवाए हैं।

निगम ने जारी किए हैं टेंडर 
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब वर्ग के लिए आवास का निर्माण हो रहा है। पैसों के अभाव में काम न रुके, इसलिए महापौर के निर्देश पर 200 करोड़ रुपए का लोन ले रहे हैं। कुछ बैंकों ने ऑफर दिया था, लेकिन ब्याज दर अधिक होने पर निगम ने टेंडर जारी किए, ताकि कॉम्पटीशन हो और लोन की ब्याज दर कम आए। जिस बैंक की ब्याज दर कम होगी, उससे लोन लेंगे। 

FAQ on PM Awas Yojana

Wednesday, February 14, 2018 15

Frequently Asked Questions on Housing for All (Urban) Mission / Pradhan Mantri Awas Yojana
Sl. No.
Queries Answers
1.
What is Housing for All (HFA), its objectives and scope?
HFA is a Programme launched by the Ministry of Housing and Urban Poverty Alleviation (MoHUPA), in Mission mode which envisions provision of Housing for All by 2022 when the Nation completes 75 years of its Independence. The Mission seeks to address the housing requirement of urban poor including slum dwellers through following programme verticals:
  1. Slum rehabilitation of Slum Dwellers with participation of private developers using land as a resource
  2. Promotion of Affordable Housing for weaker section through credit linked subsidy
  3. Affordable Housing in Partnership with Public & Private sectors
  4. Subsidy for beneficiary-led individual house construction

2.
What is the Coverage and duration of HFA?
All 4041 statutory towns as per Census 2011 with focus on 500 Class I cities would be covered in three phases as follows:
(i) Phase I (April 2015 - March 2017) to cover 100 Cities selected from States/UTs as per their willingness.
(ii) Phase II (April 2017 - March 2019) to cover additional 200 Cities
(iii) Phase III (April 2019 - March 2022) to cover all other remaining Cities Ministry, however, will have flexibility regarding inclusion of additional cities in earlier phases in case there is a resource backed demand from States/UTs.
3.
What financial support will the HFA Mission provide to the States for the Preparation of Housing for All Plan of Action (HFAPoA)?
Mission will assist States/cities in carrying out the activities for preparation of HFAPoA under capacity building and A&OE funds. States and cities which have already been given assistance under erstwhileRajiv Awas Yojana (RAY) for preparation of Slum Free City Plan of Action (SFCPoA) should utilise that amount for preparation of HFAPoA and claim next installment when 70% of the released funds have been utilised. It is mentioned here that HFAPoA addresses urban poor who may not necessarily be slum dwellers and it is thus required to integrate all four programme verticals of the HFA Mission whereas SFCPoA was linked only to slum dwellers. The activities required for preparation of HFAPoA will be funded by MoHUPA in the ratio of 75:25 and in case of North Eastern and special category States in the ratio of 90:10. The unit cost / financial norms for different activities will be determined by CSMC and till then the existing norms under RAY should be used.

FAQ on PM Awas Yojana in Hindi

Wednesday, February 14, 2018 59
प्रधानमंत्री आवास योजना 
सबके लिए आवास (शहरी) मिशन

बार—बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ in Hindi)
To Know about Online Submission of Application under PM Awas Yojana Click Here

क्रम सं.
प्रश्न
उत्तर
1 सबके लिए आवास(एचए​फए) क्या है, इसके लक्ष्य और कार्य क्षेत्र क्या हैं ? सबके लिए आवास, आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय द्वारा मिशन मोड में संचालित एक कार्यक्रम है जिसमें देश जब स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा करेगा, वर्ष 2022 तक सबके लिए आवास का प्रावधान है। मिशन का उद्येश्य निम्नलिखित 4 कार्यक्रम घटकों के माध्यम से स्लम वासियों एवं शहरी गरीबों की आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करना है:
(i) भूमि का संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए निजी प्रवर्तकों की भागीदारी से स्लमवासियों का स्लम पुनर्वास;
(ii) ऋण से जुड़ी ब्याज सब्सिडी के माध्यम से कमजोर वर्ग के लिए किफायती आवास को प्रोत्साहन;
(iii) सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों के साथ भागीदारी में किफायती आवास;
(iv) लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के लिए सब्सिडी।
2 एचएफए का कवरेज और अवधि क्या है ? 500 श्रेणी—। शहरों पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ जनगणना 2011 के अनुसार सभी 4041 सांविधिक कस्बों को तीन चरणों में कवर किया जाएगा जिनका ब्यौरा इस प्रकार है:
(i) चरण—। (अप्रैल, 2015—मार्च, 2017) — राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से उनकी इच्छा के अनुसार 100 शहरों को कवर करने के लिए।

State launches ambitious plan for 5 lakh houses at cost of Rs 38,000 crore

Wednesday, February 14, 2018 0
State launches ambitious plan for 5 lakh houses at cost of Rs 38,000 crore

Times of India, Vijayawada: The state government has launched its ambitious plan of building 5 lakh houses in all 13 districts by the end of 2019. The project is to cost Rs 38,266 crore, and the government wants to complete the first one lakh houses by October 2, this year.
Chief minister N Chandrababu Naidu has directed officials to meet the target of completing one lakh houses ready for housewarming ceremony on Gandhi Jayanthi this year. The CM had also directed the officials to increase the daily target of completing 150 houses against the present status of 100 houses. He also asked them to complete the total houses sanctioned in 2016-17 at the earliest, and begin the work on those sanctioned for 2017-18 and 2018-19.
With the huge target of 5 lakh houses is taken up, the state government issued a GO (MS No. 58) on February 6, directing officials to complete the national plan of housing for all under the affordable housing project of Pradhan Mantri Awas Yojana. While giving administrative clearance to the scheme, the government directed housing officials to complete the project in the state, and naming them NTR Nagars.

The housing department will use the shear wall technology, which is a reinforced concrete technology to complete houses and that would, according to the engineers, avoid the cement plastering work at the end, and a beneficiary can move into his/her house at the earliest. The government is also set to go for a massive Rs 1,801 crore loan from the Hudco for the first phase of houses, numbering 1,20,106, to meet its share of Rs 1.50 lakh per house. The central government is paying Rs 1.50 lakh per house.
The state government has already cleared the plans for three model houses in three categories. The first model house would have 300 sq ft and the beneficiary would have to pay Rs 2.65 lakh, while the second model house would be 365 sq ft where the beneficiary would have to pay Rs 3.65 lakh. The third model will be 430 sq ft, for which the beneficiary would have to pay Rs 4.65 lakh.

The beneficiary’s share is in addition to the share of the state and the central governments, which is Rs 1.50 lakh each. At this rate a 300 sq ft house would cost Rs 5.65 lakh.
The government has also given administrative approval for the second phase of the project with 2,43,162 houses, at a cost of Rs 15,296 crore. The state government is also planning for land acquisition for the scheme in urban local bodies, and as of now it projects 786 acres of land requirement for the scheme for which it had fixed Rs 10 crore for acquisition.