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माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण हो जाने पर वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की है। इस उद्येश्य की प्राप्ति के लिए केन्द्र सरकार ने एंक व्यापक मिशन "2022 तक सबके लिए आवास" शुरू किया है। 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बहुप्रतीक्षित योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
Hon’ble Prime Minister envisioned housing for All by 2022 when the Nation completes 75 years of its Independence. In order to achieve this objective, Central Government has launched a comprehensive mission “Housing for All by 2022”. This much awaited scheme has been launched by the Prime Minister of India, Sh. Narendra Modi on 25th June, 2015 as Pradhan Mantri Awas Yojana.

2019-02-15

Inland Waterways Authority of India launches portal for real-time information on available depth on stretches of National Waterways

Friday, February 15, 2019 0
Ministry of Shipping

Inland Waterways Authority of India launches portal for real-time information on available depth on stretches of National Waterways

The information will help better planning for movement of vessels

Posted On: 15 FEB 2019 4:02PM by PIB Delhi

Moving a step ahead towards ensuring optimum use of National Waterways, the Inland Waterways Authority of India (IWAI) launched a new portal LADIS – Least Available Depth Information System here today.

LADIS will ensure that real-time data on least available depths is disseminatedfor ship/barge and cargo owners so that they can undertake transportation on NWs in a more planned way. An assured depth of waterway is required for seamless movement of vessels. If real time information is made available regarding LADs in stretches of various NWs, it will help transporters by guiding them on the suitability of time of movement.

The portal being hosted on IWAI’s website www.iwai.nic.in has been developed in-house. Initially LAD information will be available for NW-1, NW-2, Indo-Bagladesh Protocol route and NW-3, along with the date of survey. The facility will be expanded to other NWs also.

Details of LAD will be fed into the portal by respective surveyors and regional incharge deputed with IWAI survey vessels which constantly move on NWs.

IWAI has designed LADIS to facilitate the day to day operations of inland vessels plying on National Waterways and to avoid any hindrance in service and operation. It will enhance credibility and efficiency of information sharing to achieve seamless operations on National Waterways, besides pre-empting problems that may occur during movement of vessels.

Vessel operators/ cargo owners will prepare their sailing plans strictly as per applicable waterways related information (Hydrographic survey reports, River Notices etc.) available on IWAI’s website.

***
Source : PIB

Text of PM’s speech at the flagging off Vande Bharat Express

Friday, February 15, 2019 0
Prime Minister's Office

Text of PM’s speech at the flagging off Vande Bharat Express

Posted On: 15 FEB 2019 1:35PM by PIB Delhi

सबसे पहले मैं पुलवामा के आतंक के हमले में शहीद जवानों को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्‍होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्‍योच्‍छावर किए हैं। दुख की इस घड़ी में मेरी और हर भारतीय की संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।

इस हमले की वजह से देश में जितना आक्रोश है, लोगों का खून खोल रहा है; ये मैं भलीभांति समझ पा रहा हूं। इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो भी स्‍वाभाविक हैं। हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्‍वतंत्रता दे दी गई है। हमें अपने सैनिकों के शोर्य पर, उनकी बहादुरी पर पूरा भरोसा है। मूझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां भी हमारी एजेंसियों तक पहुंचाएंगे ताकि आतंक को कुचलने में हमारी लड़ाई और तेज हो सके।

मैं आतंकी संगठनों को और उनके सरपरस्‍तों को कहना चाहता हूं कि वे बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं, बहुत बड़ी कीमत उनको चुकानी पड़ेगी।

मैं देश को भरोसा देता हूं कि हमले के पीछे जो ताकते हैं, इस हमले के पीछे जो भी गुनहगार हैं, उन्‍हें उनके किए की सजा अवश्‍य मिलेगी। जो हमारी आलोचना कर रहे हैं, उनकी भावनाओं का भी मैं आदर करता हूं। उनकी भावनाओं को मैं भी समझ पाता हूं और आलोचना करने का उनका पूरा अधिकार भी है।

लेकिन मेरा सभी साथियों से अनुरोध है कि ये वक्‍त बहुत ही संवेदनशील और भावुक पल है। पक्ष में या विपक्ष में, हम सब राजनीतिक छींटाकशी से दूर रहें। इस हमले का देश एकजुट हो करके मुकाबला कर रहा है, देश एक साथ है, देश का एक ही स्‍वर है और यही विश्‍व में सुनाई देना चाहिए क्‍योंकि लड़ाई हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं।

पूरे विश्‍व में अलग-थलग पड़ चुका हमारा पड़ोसी देश अगर ये समझता है कि जिस तरह के कृत्‍य वो कर रहा है, जिस तरह की साजिशें रच रहा है, उससे भारत में अस्थिरता पैदा करने में सफल हो जाएगा तो वो ख्‍वाब हमेशा-हमेशा के लिए छोड़ दे। वो कभी ये नहीं कर पाएगा और न कभी ये होने वाला है।

इस समय बड़ी आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे हमारे पड़ोसी देश को ये भी लगता है कि वो ऐसी तबाही मचाकर भारत को बदहाल कर सकता है; उसके ये मंसूबू भी कभी पूरे होने वाले नहीं हैं। वक्‍त ने सिद्ध कर दिया है कि जिस रास्‍ते पर वो चले हैं, वो तबाही देखते चले हैं और  हमने जो रास्‍ता अख्तियार किया है, वो तरक्‍की करता चला जा रहा है।

130 करोड़ हिन्‍दुस्‍तानी ऐसी हर साजिश, ऐसे हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। कई बड़े देशों ने बहुत ही सख्‍त शब्‍दों में इस आतंकी हमले की निंदा की है और भारत के साथ खड़े होने की, भारत को समर्थन की भावना जताई है।

मैं उन सभी देशों का आभारी हूं और सभी से आह्वान करता हूं कि आतंकवाद के खिलाफ सभी मानवतावादी शक्तियों को एक हो करके लड़ना ही होगा, मानवतावादी शक्तियों ने एक हो करके आतंकवाद को परास्‍त करना ही होगा।

आतंक से लड़ने के लिए जब सभी देश एकमत, एक स्‍वर, एक दिशा से चलेंगे तो आतंकवादक कुछ पल से ज्‍यादा नहीं टिक सकता है।

साथियो, पुलवामा हमले के बाद अभी मन:स्थिति और माहौल दुख के साथ आक्रोश से भरा हुआ है। ऐसे हमलों का देश डटकर मुकाबला करेगा। ये देश रुकने वाला नहीं है। हमारे वीर शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। और देश के लिए मर-मिटने वाला हर शहीद दो सपनों के लिए जिंदगी लगाता है- पहला, देश की सुरक्षा, दूसरा, देश की समृद्धि। मैं सभी वीर शहीदों को, उनकी आत्‍मा को नमन करते हुए, उनके आशीर्वाद लेते हुए, मैं फिर एक बार विश्‍वास जताता हूं‍ कि जिन दो सपनों को ले करके उन्‍होंने जीवन को आहुत किया है, उन सपनों को पूरा करने के लिए हम जीवन का पल-पल खपा देंगे। समृद्धि के रास्‍ते को भी हम और अधिक गति दे करके, विकास के रास्‍ते को और अधिक ताकत दे करके, हमारे इन वीर शहीदों की आत्‍मा को नमन करते हुए आगे बढ़ेंगे और उसी सिलसिले में मैं वंदे भारत एक्‍सप्रेस के concept और डिजाइन से लेकर इसको जमीन पर उतारने वाले हर इंजीनियर, हर कामगार का आभार व्‍यक्‍त करता हूं।

चेन्‍नई में बनी ये ट्रेन दिल्‍ली से काशी के बीच पहला सफर करने वाली है। यही एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत की सच्‍ची ताकत है, वंदे भारत एक्‍सप्रेस की ताकत है।

साथियो, बीते साढ़े चार वर्षों में हमने भारतीय रेल की स्थिति को बहुत ईमानदारी के साथ, बहुत परिश्रम के साथ बदलने का प्रयास किया है; वंदे भारत एक्‍सप्रेस उन कार्यों की ही एक झलक है। बीते वर्षों में रेलवे उन सेक्‍टर्स में रहा है जिसने Make in India के तहत manufacturing में बहुत प्रगति की है। साथ ही, देश में रेल कोच फैक्‍टरियों का आधुनिकीकरण, डीजल इंजनों का इलेक्ट्रिक में बदलने का काम, और इसके लिए नए कारखाने भी शुरू किए गए हैं।

आपको याद होगा, पहले रेलवे टिकट में ऑनलाइन रिजर्वेशन की क्‍याहालत थी। उस समय एक मिनट में दो हजार से ज्‍यादा टिकट बुक न हीं हो सकते थे। अब आज मुझे बहुत संतोष है कि रेलवे की वेबसाइट बहुत user friendly हुई है और एक मिनट में 20 हजार से ज्‍यादा टिकट बुक हो सकते हैं। पहले हालात ये थे कि एक रेलवे प्रोजेक्‍ट को स्‍वीकृति मिलने में कम से कम दो साल लग जाते थे, अब देश में एक रेलवे प्रोजेक्‍ट तीन या चार या ज्‍यादा से ज्‍यादा छह महीने में स्‍वीकृत हो जाते हैं। ऐसे ही प्रयास से रेलवे के कार्यों में नई गति आई है। पूरे देश में broad gauge की लाइनों से unmanned crossing को एक बड़ा अभियान चलाकर खत्‍म कर दिया गया है।

अब जब हम सरकार में आए थे तो देश में 8 हजार 300 से ज्‍यादा मानव रहित railway crossing थीं, इस वजह से आए दिन हादसे होते रहते थे। अब broad gauge लाइनों पर मानव रहित रेल के क्रॉसिंग खत्‍म होने से हादसे भी कम हुए हैं।

देश में रेलवे पटरियों को बिछाने का काम हो या फिर बिजलीकरण का काम, पहले से दोगुनी रफ्तार से हो रहा है। देश के सबसे व्‍यस्‍त रूटों को  प्राथमिकता देकर उन्‍हें पारम्‍परिक ट्रेनों से मुक्‍त किया जा रहा है। बिजली से चलने वाली ट्रेनों में हम देख रहे हैं कि प्रदूषण भी कम होगा, डीजल का खर्च भी बचेगा और ट्रेनों की गति भी बढ़ जाएगी।

जाहिर है, रेलवे को आधुनिक बनाने के इन प्रयासों से रोजगार के नए अवसर भी बने हैं। मुझे बताया गया है कि 2014 से लेकर अब तक करीब-करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों की नियुक्ति रेलवे में हुई है। अभी जो भर्ती अभियान चल रहा है, उसके बाद ये संख्‍या सवा दो लाख तक पहुंचने की उम्‍मीद है।

सा‍थियो, मैं ये दावा नहीं करता कि इतने कम समय में हम लोगों ने सब कोशिश करने के बावजूद भी भारतीय रेल में हमने सब कुछ बदल दिया है, ऐसा दावा न हम कभी करते हैं; अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। इतना मैं जरूर कह सकता हूं कि भारतीय रेल को आधुनिक रेल सेवा बनाने की दिशा में हम तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं और मैं विश्‍वास दिलाता हूं कि इस विकास की यात्रा को और गति देंगे, और ताकत देंगे। जल हो, थल हो, नभ हो; हिन्‍दुस्‍तान का पूर्व हो, पश्चिम हो, उत्‍तर हो, दक्षिण हो; सबका साथ-सबका विकास, इसी मंत्र को ले करके विकास की इस राह को आगे बढ़ाएंगे। विकास के माध्‍यम से भी देश के लिए मर-मिटने वालों को हम नमन करते रहेंगे और सुरक्षा के क्षेत्र में भी पूरी ताकत से गुनहगारों को सजा दे करके देश की रक्षा के लिए जीवन न्‍योच्‍छावर करने वालों का जो भी रक्‍त है, उस एक-एक रक्‍त की बूंद की कीमत लेकर रहेंगे।

इसी विश्‍वास के साथ मैं मेरी वाणी को विराम देता हूं। इन शहीदों के नाम मेरे साथ बोलिए-

वंदे मातरम - वंदे मातरम

वंदे मातरम – वंदे मातरम

वंदे मातरम - वंदे मातरम

*****
Source : PIB

MP हाउसिंग स्कीम : एकलव्य परिसर रामसिंग की चैकी अलीराजपुर में आगामी प्रस्तावित योजना हेतु पंजीयन 30 मार्च 2019 तक ऑनलाइन आवेदन करें

Friday, February 15, 2019 0
MP हाउसिंग स्कीम : एकलव्य परिसर रामसिंग की चैकी अलीराजपुर में आगामी प्रस्तावित योजना हेतु पंजीयन 30 मार्च 2019 तक ऑनलाइन आवेदन करें

एकलव्य परिसर रामसिंग की चैकी अलीराजपुर में प्रस्तावित चरण में आगामी प्रस्तवित योजना हेतु पंजीयन

SINGLEX LIG (Alirajpur) 
भवन का अनु. क्षेत्रफल(वर्ग मीटर): 40.70
भूखण्ड(वर्ग मीटर): 78.00
संभावित लागत: 1767000/- 
पंजीयन शुल्क : 177000/-
Start Date : 11/02/2019 10:30AM - End Date : 30/03/2019 11:59PM

SINGLEX MIG JUNIOR (Alirajpur) 
भवन का अनु. क्षेत्रफल(वर्ग मीटर): 50.90
भूखण्ड(वर्ग मीटर): 112.50
संभावित लागत: 2423000/- 
पंजीयन शुल्क : 243000/-
Start Date : 11/02/2019 10:30AM - End Date : 30/03/2019 11:59PM

SINGLEX MIG SENIOR (Alirajpur) 
भवन का अनु. क्षेत्रफल(वर्ग मीटर): 74.52
भूखण्ड(वर्ग मीटर): 135.00
संभावित लागत: 2965000/- 
पंजीयन शुल्क : 297000/-
Start Date : 11/02/2019 10:30AM - End Date : 30/03/2019 11:59PM




Official Advertisement :
mp-housing-scheme-online-flat-registration-in-alirajpur

For more details please visit : MPHIDB

2019-02-14

India’s First Semi High Speed Train, “Vande Bharat Express" to be flagged off by PM tomorrow

Thursday, February 14, 2019 0
Prime Minister's Office

India’s First Semi High Speed Train, “Vande Bharat Express" to be flagged off by PM tomorrow

New Delhi-Varanasi train journey to be covered in just 8 hours 

Train will Run on all days Except Mondays and Thursdays 

Speed, Scale and Service-Hallmarks of Vande Bharat Express 

A Make-in-India Success Story

Posted On: 14 FEB 2019 4:28PM by PIB Delhi

The ‘Make in India’ effort of Indian Railways has culminated into India's first Semi High Speed Train, "Vande Bharat Express".

Prime Minister Narendra Modi will flag off the maiden run of the train on New Delhi-Kanpur-Allahabad-Varanasi route train tomorrow morning from the New Delhi Railway Station. He will inspect the facilities in the train and address a gathering on this occasion.

Union Minister of Railways and Coal, Shri Piyush Goyal will lead the team of officials and media persons aboard the train on its inaugural run tomorrow. It will stop at Kanpur and Allahabad where it will be received by dignitaries and the people.

Vande Bharat Express can run up to a maximum speed of 160 kmph and has travel classes like Shatabdi Train but with better facilities. It aims to provide a totally new travel experience to passengers.

The Train will cover the distance between New Delhi and Varanasi in 8 hours and will run on all days except Mondays and Thursdays.

All coaches are equipped with automatic doors, GPS based audio-visual passenger information system, on-board hotspot Wi-Fi for entertainment purposes, and very comfortable seating. All toilets are bio-vacuum type. The lighting is dual mode, viz. diffused for general illumination and personal for every seat. Every coach has a pantry with facility to serve hot meals, hot and cold beverages. The insulation is meant to keep heat and noise to very low levels for additional passenger comfort.

Vande Bharat Express has 16 air-conditioned coaches of which 2 are executive class coaches. The total seating capacity is 1,128 passengers. It is much more than the conventional Shatabdi rake of equal number of coaches, thanks to shifting of all electric equipment below the coaches and seats in the driving coach also.

Adding up the green footprints, the train has regenerative braking system in the Vande Bharat Express coaches which can save up to 30% of electrical energy.

Speed, Safety and Service are the hallmarks of this train.Integral Coach Factory (ICF), Chennai, a Railways Production unit, has been the force behind a completely in-house design and manufacture, computer modelling and working with a large number of suppliers for system integration in just 18 months.

In keeping with the vision of Prime Minister’s vision of "Make in India", the major systems of the train have been designed and built in India.  Impact of this train, matching global standards of performance, safety and passenger comfort and yet costing less than half of global prices, has the potential to be a game changer in the global rail business.

                                                                          *****
Source : PIB

Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-Dhan (PM- SYM) to be Implemented from February 15

Thursday, February 14, 2019 0
Ministry of Labour & Employment

Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-Dhan (PM- SYM) to be Implemented from February 15

Posted On: 14 FEB 2019 4:23PM by PIB Delhi

Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-dhan (PM-SYM) will be rolled out by the Ministry of Labour and Employment tomorrow i.e. 15.02.2019. The scheme announced in the Interim Budget was notified by the Ministry recently. As many as 42 crore workers are estimated to be engaged in the unorganized sector of the country.

The unorganised workers mostly engaged as home based workers, street vendors, mid-day meal workers, head loaders, brick kiln workers, cobblers, rag pickers, domestic workers, washer men, rickshaw pullers, landless labourers, own account workers, agricultural workers, construction workers, beedi workers, handloom workers, leather workers, audio- visual workers and similar other occupations whose monthly income is Rs 15,000/ per month or less and belong to the entry age group of 18-40 years are eligible for the scheme. They should not be covered under New Pension Scheme (NPS), Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) scheme or Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO). Further, he/she should not be an income tax payer.

Following are the salient Features of PM-SYM:
  • Minimum Assured Pension: Each subscriber under the PM-SYM, shall receive minimum assured pension of Rs 3000/- per month after attaining the age of 60 years.
  • Family Pension: During the receipt of pension, if the subscriber dies, the spouse of the beneficiary shall be entitled to receive 50% of the pension received by the beneficiary as family pension. Family pension is applicable only to spouse.
(iii)   If a beneficiary has given regular contribution and died due to any cause (before age of 60 years), his/her spouse will be entitled to join and continue the scheme subsequently by payment of regular contribution or exit the scheme as per provisions of exit and withdrawal. 

Contribution by the Subscriber:  The subscriber’s contributions to PM-SYM shall be made through ‘auto-debit’ facility from his/ her savings bank account/ Jan- Dhan account. The subscriber is required to contribute the prescribed contribution amount from the age of joining PM-SYM till the age of 60 years. The chart showing details of entry age specific monthly contribution is as under:


Entry AgeSuperannuation AgeMember's  monthly contributionCentral Govt's  monthly contributionTotal monthly contribution  (Rs)
(Rs)(Rs)
1234(5)= (3)+(4)
18605555110
19605858116
20606161122
21606464128
22606868136
23607272144
24607676152
25608080160
26608585170
27609090180
28609595190
2960100100200
3060105105210
3160110110220
3260120120240
3360130130260
3460140140280
3560150150300
3660160160320
3760170170340
3860180180360
3960190190380
4060200200400

Matching contribution by the Central Government:  PM-SYM is a voluntary and contributory pension scheme on a 50:50 basis where prescribed age-specific contribution shall be made by the beneficiary and the matching contribution by the Central Government as per the chart. For example, if a person enters the scheme at an age of 29 years, he is required to contribute Rs 100/ - per month till the age of 60 years. An equal amount of Rs 100/- will be contributed by the Central Government.

Enrolment Process under PM-SYM: 

The subscriber will be required to have a mobile phone, savings bank account and Aadhaar number. The eligible subscriber may visit the nearest CSCs and get enrolled for PM-SYM using Aadhaar number and savings bank account/ Jan-Dhan account number on self-certification basis.

Later, facility will be provided where the subscriber can also visit the PM-SYM web portal or can download the mobile app and self-register using Aadhar number/ savings bank account/ Jan-Dhan account number on self-certification basis.

Enrollment agencies: The enrolment will be carried out by all the Community Service Centers (CSCs).  The unorganised workers may visit their nearest CSCs along with their Aadhar Card and Savings Bank account passbook/Jandhan account and get registered themselves for the Scheme.  Contribution amount for the first month shall be paid in cash for which they will be provided with a receipt.

Facilitation Centres: All the branch offices of LIC, the offices of ESIC/EPFO and all Labour offices of Central and State Governments will facilitate the unorganised workers about the Scheme, its benefits and the procedure to be followed, at their respective centers.

In this respect, the arrangements to be made by all offices of LIC, ESIC, EPFO all Labour offices of Central and State Governments are given below, for ease of reference:

  1. All LIC, EPFO/ESIC and all Labour offices of Central and State Governments may set up a “Facilitation Desk” to facilitate the unorganised workers, guide about the features of the Scheme and direct them to nearest CSC.
  2. Each desk may consist of at least one staff.
  3. They will have backdrop, standi at the main gate and sufficient number of brochures printed in Hindi and regional languages to be provided to the unorganised workers.
  4. Unorganised workers will visit these centres with Aadhaar Card, Savings bank account/ Jandhan account and mobile phone.
  5. Help desk will have onsite suitable sitting and other necessary facilities for these workers.
  6. Any other measures intended to facilitate the unorganised workers about the Scheme, in their respective centers.

Fund Management:  PM-SYM will be a Central Sector Scheme administered by the Ministry of Labour and Employment and implemented through Life Insurance Corporation of India and CSCs. LIC will be the Pension Fund Manager and responsible for Pension pay out.  The amount collected under PM-SYM pension scheme shall be invested as per the investment pattern specified by Government of India.


Exit and Withdrawal: Considering the hardships and erratic nature of employability of these workers, the exit provisions of scheme have been kept flexible. Exit provisions are as under:


  • In case subscriber exits the scheme within a period of less than 10 years, the beneficiary’s share of contribution only will be returned to him with savings bank interest rate.
  • If subscriber exits after a period of 10 years or more but before superannuation age i.e. 60 years of age, the beneficiary’s share of contribution along with accumulated interest as actually earned by fund or at the savings bank interest rate whichever is higher.
  • If a beneficiary has given regular contributions and died due to any cause, his/ her spouse will be entitled to continue the scheme subsequently by payment of regular contribution or exit by receiving the beneficiary’s contribution along with accumulated interest as actually earned by fund or at the savings bank interest rate whichever is higher.
  • If a beneficiary has given regular contributions and become permanently disabled due to any cause before the superannuation age, i.e. 60 years, and unable to continue to contribute under the scheme, his/ her spouse will be entitled to continue the scheme subsequently by payment of regular contribution or exit the scheme by receiving the beneficiary’s contribution with interest as actually earned by fund or at the savings bank interest rate whichever is higher.
  • After the death of subscriber as well as his/her spouse, the entire corpus will be credited back to the fund.
  • Any other exit provision, as may be decided by the Government on advice of NSSB.

Default of Contributions: 

If a subscriber has not paid the contribution continuously he/she will be allowed to regularize his contribution by paying entire outstanding dues, along with penalty charges, if any, decided by the Government.

Pension Pay out:

Once the beneficiary joins the scheme at the entry age of 18-40 years, the beneficiary has to contribute till 60 years of age. On attaining the age of 60 years, the subscriber will get the assured monthly pension of Rs.3000/- with benefit of family pension, as the case may be.

Doubt and Clarification: In case of any doubt on the scheme, clarification provided by the JS& DGLW will be final.

*****
Source : PIB





Minimum Support Price for Raw Jute for 2019-20 season hiked to Rs.3950/- from Rs.3700/- per quintal by the Cabinet

Thursday, February 14, 2019 0
Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA)

Minimum Support Price for Raw Jute for 2019-20 season hiked to Rs.3950/- from Rs.3700/- per quintal by the Cabinet 

Posted On: 13 FEB 2019 9:03PM by PIB Delhi

The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi, has given its approval for the increase in the Minimum Support Price (MSP) for Raw Jute for 2019-20 season.

The Minimum Support Price (MSP) for Fair Average Quality (FAQ) of Raw Jute has been increased to Rs.3950/- per quintal for 2019-20 season from Rs. 3700/- per quintal in 2018-19 season.

Impact:

The MSP would yield returns of 55.81 percent over the all India weighted average cost of production. The MSP of Raw Jute is expected to ensure appropriate minimum prices to the farmers and step up investment in Jute cultivation and thereby production and productivity in the country.

Nodal Agency:

The Jute Corporation of India would continue to act as Central Nodal Agency to undertake price support operations at the MSP in the Jute growing states.

Background:

The increased MSP is based on recommendations of Commission for Agricultural Costs and Prices (CACP) which while recommending MSP takes into account the cost of production, overall demand-supply, domestic and international prices, inter-crop price parity, terms of trade between agricultural and non-agricultural sectors and the likely impact of MSP on user industries and a minimum 50% as the margin over the weighted average cost of production.

Source : PIB

Cabinet approves continuation of Credit Linked Capital Subsidy and Technology Up-gradation Scheme (CLCS-TUS) beyond 12th Plan for three years from 2017-18 to 2019-20

Thursday, February 14, 2019 0
Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA)

Cabinet approves continuation of Credit Linked Capital Subsidy and Technology Up-gradation Scheme (CLCS-TUS) beyond 12th Plan for three years from 2017-18 to 2019-20 

Posted On: 13 FEB 2019 9:06PM by PIB Delhi

The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi, has approved the Credit Linked Capital Subsidy and Technology Up-gradation Scheme (CLCS-TUS) with a total outlay of Rs.2900 crore. This scheme aims at improving the competitiveness of MSMEs by integrating various ongoing schematic interventions aimed at up-grading technology through Credit Linked Capital Subsidy (CLCS), hand holding for zero defect zero effect manufacturing (ZED), increasing productivity through waste reduction (Lean), design intervention (Design), cloud computing (Digital MSMEs), facilitation of intellectual property (IPR) and nurturing new ideas (Incubation).

Special provisions have been made in this scheme to promote entrepreneurship for SC/STs, women NER, Hill States (Jammu & Kashmir, Himachal Pradesh & Uttarakhand) Island Territories (Andaman & Nicobar and Lakshadweep) and the Aspirational Districts/ LWE Districts, as in these cases the subsidy shall be admissible also for investment in acquisition /replacement of plant & machinery / equipment & technology up-gradation of any kind. The scheme would be demand driven. But its coverage has been made more inclusive.

In addition, the scheme through Zero Defect & Zero Effect, component will promote reduction in emission level of green house gases and improve the competitiveness through reduction in defect / wastage during the manufacturing process of the products. It will also promote the innovation, digital empowerment of MSMEs, design interventions and support the protection of intellectual property of MSMEs.

The scheme will facilitate technology up-gradation to MSEs, improvement in Quality of products by MSMEs, enhancement in productivity, reduction in waste and shall promote a culture of continuous improvement.

Source : PIB
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