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माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण हो जाने पर वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की है। इस उद्येश्य की प्राप्ति के लिए केन्द्र सरकार ने एंक व्यापक मिशन "2022 तक सबके लिए आवास" शुरू किया है। 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बहुप्रतीक्षित योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
Hon’ble Prime Minister envisioned housing for All by 2022 when the Nation completes 75 years of its Independence. In order to achieve this objective, Central Government has launched a comprehensive mission “Housing for All by 2022”. This much awaited scheme has been launched by the Prime Minister of India, Sh. Narendra Modi on 25th June, 2015 as Pradhan Mantri Awas Yojana.

02 June, 2017

दीनदयाल अंत्योदय योजना-संचालन परिषद की तीसरी बैठक की अध्यक्षता श्री वैंकैया नायडू के द्वारा की गई

श्री वैंकैया नायडू ने दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की संचालन परिषद की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की 

पिछले वर्ष के मुकाबले वर्ष 2016-17 में 15 प्रतिशत अधिक रोजगारों का सृजन 


आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय                                                                           31-मई,-2017   

श्री वैंकैया नायडू ने दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की संचालन परिषद की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की 

पिछले वर्ष के मुकाबले वर्ष 2016-17 में 15 प्रतिशत अधिक रोजगारों का सृजन 

केंद्रीय आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) की संचालन परिषद की तीसरी बैठक की अध्यक्षता कर मिशन को विभिन्न स्तर पर अधिक सशक्त करने के कदमो पर विचार-विमर्श किया। बैठक में केंद्रीय शहरी विकास और आवास तथा शहरी गरीबी उपशमन मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह और मध्यप्रदेश की शहरी विकास और आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने भी भाग लिया।



मिशन को सशक्त करने के लिए उठाए गए कदम निम्नलिखित हैं

कौशल विकास के अंतर्गत दिव्यांगो को वित्तीय प्रावधान बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने हेतु दिव्यांगो को अतिरिक्त यात्रा भत्ता,नियोजन उपरांत अतिरिक्त सहयोग,व्यक्तिगत सहयोगी उपकरणो और वर्दी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त दिव्यांगो की प्रशिक्षण और रोजगार गतिविधियो को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने वालो को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा
वर्ष 2016-17 के दौरान 2,36,218 रोजगार सृजित किए गए जो कि गत वर्ष की तुलना में 155 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2016-17 के दौरान अन्य खंडो में भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई
मिशन के अंर्तगत कौशल विकास कार्यक्रम में भागीदारी करने के लिए अब गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले( बीपीएल) को यात्रा भत्ता प्रदान किया जाएगा
बेघर लोगो की अधिकता वाले स्थानो के निकट आश्रय स्थल के निर्माण के लिए महानगरो में उपयुक्त भूमि के उपलब्धता न होने के कारण राज्य और केंद्र शासित प्रदेशो को स्थायी आश्रय स्थल के निर्माण होने तक भवनो को किराये पर लेने और नवीकरण करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है
आश्रय स्थलो की स्थापना में तेजी लाने के लिए रेल सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमो से निर्माण के लिए भूमि लेने, कार्पोरेट सामाजिक दायित्व प्रोत्साहन को सहयोग देने, डीएवाई-एनयूएलएम आश्रय स्थलो के संचालन के लिए प्रतिष्ठित सामाजिक संगठनो की सहायता लेने और डीएवाई-एनयूएलएम के अंतर्गत आश्रय स्थलो को संयुक्त रूप से संचालित करने और प्रबंधन लागत प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से राज्यो और संघ शासित प्रदेशो को शहरी बेघर लोगो को आश्रय प्रदान करने के लिए अधिक विकल्प मिलेगें।
राज्य स्तर पर मिशन प्रबंधन लागत की व्यय सीमा का अनुपालन को हटाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि व्यय की निर्धारित सीमा की राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी की जाएगी। इससे राज्यो को मिशन के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक श्रमशक्ति के प्रशिक्षण और स्थापन में सहायता मिलेगी।
समुदाय आयोजनकर्ता का वेतन 10 हजार रूपए से बढ़ाकर 15 हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त राज्यो को न्यूनतम वेतन में आगामी संशोधन के अनुरूप वृद्धि करने के लिए भी अधिकृत किया गया है।


बैठक के दौरान श्री वेंकैया नायडू ने गत तीन वर्षों के दौरान डीएवाई-एनयूएलएम के अंतर्गत जमीनी और वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए इस पर संतोष व्यक्त किया। श्री नायडू ने कहा कि स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए कौशल विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए

1,05,000 स्वंय सहायता समूह की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष वास्तविक रूप में  1,90,266 समूहो की स्थापना की गई। स्वरोजगार कार्यक्रम के 1,25,062 के लक्ष्य के अनुरूप 1,78,896 लाभकर्ताओ को व्यक्तिगत और समूह उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण प्रदान किए गए। गत तीन वर्षों के दौरान 8,37,764 शहरी गरीबो को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया जबकि शहरी गरीब बेघरो के लिए 666 आश्रय स्थलो का संचालन प्रारंभ किया गया।          



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Source: PIB

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