Enter your email address:


Subscribe for Latest Schemes of Government via e-mail Daily
Free ! Free ! Free!

Delivered by FeedBurner

माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण हो जाने पर वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की है। इस उद्येश्य की प्राप्ति के लिए केन्द्र सरकार ने एंक व्यापक मिशन "2022 तक सबके लिए आवास" शुरू किया है। 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बहुप्रतीक्षित योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
Hon’ble Prime Minister envisioned housing for All by 2022 when the Nation completes 75 years of its Independence. In order to achieve this objective, Central Government has launched a comprehensive mission “Housing for All by 2022”. This much awaited scheme has been launched by the Prime Minister of India, Sh. Narendra Modi on 25th June, 2015 as Pradhan Mantri Awas Yojana.

2017-12-27

अटल इनोवेशन मिशन के तहत देश भर में अटल टिंकरिंग लैब की स्‍थापना के लिए 1500 और स्‍कूलों का चयन

नीति आयोग
अटल इनोवेशन मिशन के तहत देश भर में अटल टिंकरिंग लैब की स्‍थापना के लिए 1500 और स्‍कूलों का चयन किया गया
प्रकाशन तिथि: 26 DEC 2017 5:35PM by PIB Delhi


नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) की स्‍थापना के लिए 1500 और स्‍कूलों का चयन किया गया है। इतने सारे और स्‍कूलों का चयन करने से ‘भावी अन्‍वेषकों के रूप में भारत में एक मिलियन बच्‍चों की प्रतिभा संवारने’ से जुड़े मिशन के सपने को साकार करने में काफी मदद‍ मिलेगी। नई अटल टिंकरिंग लैब से जुड़ी इस घोषणा के साथ ही एआईएम के तहत एटीएल की स्‍थापना के लिए देश भर में अब तक 2441 स्‍कूलों का चयन किया गया है। इस दिशा में औपचारिक प्रयास एक साल से भी अधिक समय पहले शुरू किए गए थे। भारत सरकार के एक प्रमुख कार्यक्रम अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) का उद्देश्‍य देश भर में फैले स्‍कूलों, विश्‍वविद्यालयों और उद्योगों में नवाचार (इनोवेशन) एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

एटीएल छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अपने अभिनव विचारों को साकार रूप देने का कार्य स्‍थल है। इन कार्य स्‍थलों पर कुछ ऐसा नया करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ा होता है। अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकियों जैसे 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्‍स, संवेदी प्रौद्योगिकी किट, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स (आईओटी), सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक्स से युक्‍त ये कार्य स्‍थल विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों का इस्‍तेमाल कर स्‍थानीय सामुदायिक समस्‍याओं को गहराई से समझने एवं सुलझाने में समर्थ करते हैं। विद्यार्थियों को ‘खुद से करो’ की अवधारणा का उपयोग कर अपने अभिनव विचारों को मूर्त रूप देने और भारत की सामाजिक, सामुदायिक अथवा आर्थिक समस्‍याओं का अभिनव समाधान वि‍कसित करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाता है।

अपने स्कूलों में एटीएल में कार्य करते हुए रचनात्‍मक प्रौद्योगिकी प्‍लेटफॉर्मों के जरिए अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता काफी हद तक बढ़ा चुके युवा विद्यार्थियों ने अपने अभिनव समाधानों का प्रारूप तैयार करना शुरू भी कर दिया है और इसके साथ ही उन्‍होंने कई रचनात्‍मक परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया है, जिनमें बेहतर सिंचाई प्रबंधन एवं कचरा प्रबंधन भी शामिल हैं। इसी तरह अपनी लैब में आईओटी उपकरणों तथा रोबोटिक्‍स का उपयोग कर सेंसर आधारित समाधान विकसित करना भी इन परियोजनाओं में शामिल है। यह वर्ष 2022 तक अपने सपनों का ‘नया भारत’ बनाने की दृष्टि से विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। इन प्रयोगशालाओं (लैब) को कुछ इस तरह से तैयार किया गया है जिससे कि रचनात्‍मकता को बढ़ावा मिले और विद्यार्थी नियमित पाठ्यक्रम एवं अपनी पाठ्य पुस्‍तकों से इतर कुछ अभिनव जानकारियां हासिल करें। इस तरह की लैब से विद्यार्थियों को भावी कौशल जैसे कि रचनात्‍मक एवं अभिकलनात्मक सोच, अनुकूल शिक्षण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) से युक्‍त करने में भी मदद मिलेगी।

इस दिशा में आवेदनों के दो दौर पूरे हो चुके हैं। इस दौरान 25000 से भी अधिक आवेदन प्राप्‍त हुए हैं जिनमें से 2441 स्‍कूलों का चयन कि‍या गया है। इससे एटीएल की कवरेज बढ़कर 98 प्रतिशत से भी अधिक स्‍मार्ट सिटी और 93 प्रतिशत से भी अधिक जिलों (655 से भी ज्‍यादा जिले) तक हो जाएगी। इसकी कवरेज में व्‍यापक वृद्धि की पुष्टि इस सत्‍य से होती है कि अब देश भर में 34 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में कम-से-कम एक या उससे भी अधिक एटीएल होगी।

नव चयनित 1500 स्‍कूलों की सराहना करते हुए मिशन के निदेशक (एटीएल) श्री आर. रामानन ने कहा कि ‘भारत को एक अभिनव देश में बदलने’ से जुड़े हमारे मिशन के तहत एटीएल निश्चित तौर पर अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण हैं और इसके साथ ही अपने निहितार्थों की दृष्टि से दूरगामी हैं। उन्‍होंने नए स्‍कूलों से यह भी अपील की कि वे एटीएल की स्‍थापना के साथ-साथ आगामी नए शैक्षणिक सत्रों से एटीएल का नियमित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित धनराशि प्राप्‍त करने हेतु एटीएल से जुड़े दिशा-निर्देशों के मुताबिक तय आवश्‍यकताएं जल्‍द से जल्‍द पूरी करें।

अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) प्रधानमंत्री के ‘एक रचनात्‍मक भारत, एक अभिनव भारत’ बनाने के सपने को साकार करते हुए हमारे समाज के सभी तबकों को लाभान्वित करेंगी।

***

एकेटी/वीके/एएम/आरआरएस/वीके – 6101


(रिलीज़ आईडी: 1514137)

Source : PIB

No comments:

Post a Comment

Click on the desired scheme to know the detailed information of the scheme
किसी भी योजना की विस्‍तृत जानकारी हेतु संबंध्‍ाित योजना पर क्लिक करें 
pm-awas-yojana pmay-gramin pmay-apply-online sukanya-samriddhi-yojana
digital-india parliamentray-question pmay-npv-subsidy-calculator success-story
faq mann-ki-bat pmjdy atal-pension-yojana
pm-fasal-bima-yojana pmkvy pmegp gold-monetization-scheme
startup-india standup-india mudra-yojana smart-cities-mission