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माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण हो जाने पर वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की है। इस उद्येश्य की प्राप्ति के लिए केन्द्र सरकार ने एंक व्यापक मिशन "2022 तक सबके लिए आवास" शुरू किया है। 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बहुप्रतीक्षित योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
Hon’ble Prime Minister envisioned housing for All by 2022 when the Nation completes 75 years of its Independence. In order to achieve this objective, Central Government has launched a comprehensive mission “Housing for All by 2022”. This much awaited scheme has been launched by the Prime Minister of India, Sh. Narendra Modi on 25th June, 2015 as Pradhan Mantri Awas Yojana.

2018-06-15

Swajal Yojana Launched in 115 Villages in India गांवों में जल की आपूर्ति के लिए स्वजल योजना का शुभारम्भ

गांवों में जल की आपूर्ति के लिए स्वजल योजना का शुभारम्भ

पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय
भारत के 115 आकांक्षी जिलों में स्वजल लॉन्च

केंद्र 27,500 गुणवत्ता प्रभावित आवासों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च करेगी

प्रविष्टि तिथि: 14 JUN 2018 7:48PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) में सुधार की जरूरत और स्वजल योजना के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर विचार-विमर्श करने के लिए आज राजधानी में एक राष्ट्रीय विचार-सभा का आयोजन किया गया। केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने विचार-सभा की अध्यक्षता की। इस मौके पर केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता राज्यमंत्री श्री रमेश जिगजिनागी भी मौजूद थे। इस सभा में 13 राज्यों- असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पेयजल मंत्रियों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने राज्यों में लागू की जा रही केंद्र-प्रयोजित पेयजल योजनाओं में जरूरी सुधार पर अपने विचार रखे।

 केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने घोषणा की कि देश के 115 आकांक्षी जिलों में स्वजल योजना पर मौजूदा एनआरडीडब्ल्यूपी बजट से 700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस योजना के तहत सौर ऊर्जा की मदद से गांवों में पाइप के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। स्वजल इकाइयों के संचालन और रख-रखाव के लिए सैकड़ों ग्रामीण तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सुश्री भारती ने देश के आकांक्षी जिलों में दूर-दराज के गांवों में स्वजल की प्रासंगिकता के बारे में भी बताया।

 केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने देश भर में फैले 2000 जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण किए जाने की भी घोषणा की। सुश्री भारती ने राज्यों से आए मंत्रियों से जल प्रयोगशालाओं के कामकाज पर बारीक नजर रखने का आग्रह किया ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जल गुणवत्ता सब मिशन (एनडब्ल्यूक्यूएसएम) के तहत देशभर के आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित 27,544 आवासों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की जरूरत को पूरा करने के लिए 1000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण की अहमियत बताते हुए कहा कि इस बारे में लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए एक विशेष संचार अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही सुश्री भारती ने राज्यों से वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्य ‘सभी के लिए शुद्ध पेयजल’ सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

पेयजल एवं स्वच्छता सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने अपने प्रमुख भाषण में एनआरडीडब्ल्यूपी को फलदायी और सतत बनाने के लिए किए गए सुधार उपायों का जिक्र किया और राज्यों के बीच सकारात्मक प्रतियोगिता को बढ़ावा देने की बात कही। संयुक्त सचिव (जल) श्रीमती राधा वी ने एनआरडीडब्ल्यूपी को और मजबूत करने के प्रस्तावों और स्वजल योजना की विशेषताओं एवं इसे लागू करने की योजना पर प्रस्तुति दी।

***
Source: PIB

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