All about Pradhan Mantri yojana and other government schemes in India.

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकता का प्रदर्शन करने के लिए 5 अप्रैल को रात के 9 बजे दीप जलाने को कहा

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकता का प्रदर्शन करते हुए 5 अप्रैल को रात के 9 बजे दीप जलाने को कहा


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस वैश्विक महामारी के समय में देश के 130 करोड़ जनता को अपनी एकता को दर्शाने के लिए आमंत्रित किया है ताकि उन कोरोना सेनानियों का उत्साहवर्धन हो और वे समझे कि उनके साथ सारा देश खड़ा है. इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश को किये गए संबोधन को पूरा पढने के लिए नीचे पढ़ें:

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम सम्बोधन

03 APR 2020

मेरे प्यारे देशवासियों, 

कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ देशव्यापी लॉकडाउन को आज 9 दिन हो रहे हैं। इस दौरान आप सभी ने जिस प्रकार अनुशासन और सेवा भाव,दोनों का परिचय दिया है, वो अभूतपूर्व है।

शासन, प्रशासन और जनता जनार्दन ने मिलकर स्थिति को अच्छे ढंग से सम्भालने का भरपूर प्रयास किया है।

आपने जिस प्रकार, 22 मार्च को रविवार के दिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया, वो भी आज सभी देशों के लिए एक मिसाल बन गया है।

आज कई देश इसको दोहरा रहे हैं। जनता कर्फ्यू हो, घंटी बजाने, ताली-थाली बजाने का कार्यक्रम हो, इन्होंने इस चुनौतिपूर्ण समय में  देश को इसकी  सामूहिक शक्ति का ऐहसास कराया। यह  भाव प्रकट हुआ कि देश एक होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ सकता है। अब लॉकडाउन के समय में, देश की, आप सभी की ये सामूहिकता चरितार्थ होती नजर आ रही है।

साथियों,

आज जब देश के करोड़ों लोग घरों में हैं, तब किसी को भी लग सकता है कि वो अकेला क्या करेगा। कुछ लोग ये भी सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी लड़ाई को, वो अकेले कैसे लड़ पाएंगे। ये प्रश्न भी मन में आते होंगे कि - कितने दिन ऐसे और काटने पड़ेंगे।

साथियों,

ये लॉकडाउन का समय जरूर है, हम अपने अपने घरों  में जरूर हैं, लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है, हर व्यक्ति का संबल है । समय-समय पर देशवासियों की इस सामूहिक शक्ति की विराटता, इसकी भव्यता और दिव्यता की अनुभूति करना आवश्यक है।

साथियों,

हमारे यहां माना जाता है कि जनता जनार्दन, ईश्वर का ही रूप होती है। इसलिए जब देश इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहा हो, तो ऐसी लड़ाई में बार-बार जनता रूपी महाशक्ति का साक्षात्कार करते रहना चाहिए। ये साक्षात्कार, हमें मनोबल देता है,लक्ष्य देता है, उसकी प्राप्ति के लिए ऊर्जा देता है, हमारा मार्ग और स्पष्ट करता है।

साथियों,

कोरोना महामारी से फैले अंधकार के बीच, हमें निरंतर प्रकाश की ओर जाना है। जो इस कोरोना संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, हमारे ग़रीब भाई - बहन उन्हें निराशा से आशा की तरह ले जाना है।

इस कोरोना संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई है, उसे समाप्त करके हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना है। इस अंधकारमय कोरोना संकट को पराजित करने के लिए, हमें प्रकाश के तेज को चारो दिशाओं में फैलाना है। और इसलिए, इस Sunday, 5 अप्रैल को, हम सबको मिलकर, कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है, उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इस 5 अप्रैल को हमें, 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है।

130 करोड़ देशवासियों के महासंकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। 5 अप्रैल, रविवार को रात 9 बजे मैं आप सबके 9 मिनट चाहता  हूं। ध्यान से सुनिएगा, 5 अप्रैल को रात 9 बजे, घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में, खड़े रहकर, 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं।

मैं फिर कहूंगा, मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट, 5 अप्रैल को, रात को 9 बजे, 9 मिनट तक जलाएं। और उस समय यदि घर की सभी लाइटें बंद करेंगे, चारो तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलाएगा, तब प्रकाश की उस महाशक्ति का ऐहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद से हम सब लड़ रहे हैं,

ये उजागर होगा। उस प्रकाश में, उस रोशनी में, उस उजाले में, हम अपने मन में ये संकल्प करें कि हम अकेले नहीं हैं, कोई भी अकेला नहीं है !!!

130 करोड़ देशवासी, एक ही संकल्प के साथ कृतसंकल्प हैं।

साथियों,

मेरी एक और प्रार्थना है, कि इस आयोजन के समय किसी को भी, कहीं पर भी इकट्ठा नहीं होना है। रास्तों में, गलियों या मोहल्लों में नहीं जाना है, अपने घर के दरवाज़े, बालकनी से ही इसे करना है।

Social Distancing की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है। Social Distancing को किसी भी हालत में तोड़ना नहीं है। कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है।

इसलिए 5 अप्रैल को रात 9 बजे, कुछ पल अकेले बैठकर, माँ भारती का स्मरण कीजिए, 130 करोड़ देशवासियों के चहरो की कल्पना कीजिए, 130 करोड़ देशवासियों की इस सामूहिकता, इस महाशक्ति का ऐहसास करिए। ये हमें,

संकट की इस घड़ी से लड़ने की ताकत देगा और जीतने का आत्मविश्वास भी।

हमारे यहां कहा गया है- 

उत्साहो बलवान् आर्य,
न अस्ति उत्साह परम् बलम्।

स उत्साहस्य लोकेषु,
न किंचित् अपि दुर्लभम्॥

यानि,

हमारे उत्साह, हमारी spirit से बड़ी force दुनिया में कोई दूसरी नहीं है। दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जो हम इस ताकत से हासिल न कर पाएं। आइए, साथ आकर, साथ मिलकर, कोरोना को हराएं, भारत को विजयी बनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !!

स्रोत: PIB
*****
Share:

MHA clarifies on ground level issues being faced for smoothly supply of Essential Items during Lockdown to fight COVID-19

MHA clarifies on ground level issues being faced for smoothly supply of Essential Items during Lockdown to fight COVID-19


Ministry of Home Affairs has clarified the issues being faced by states in ensuring smooth flow of supply chain of essential items during Lockdown to fight COVID-19 on ground level. The states advised the district authorities and field agencies to inform about the clarification so that any ambiguity at the ground level can be avoided. For more details of supply chain status of essential items during lockdown, read below:

Ministry of Home Affairs

MHA clarifies on ground level issues being faced by States in ensuring smooth flow of supply chain of Essential Items during National Lockdown to fight COVID-19

States advised to inform District authorities and field agencies regarding the Clarifications so as to avoid any ambiguity at the ground level

03 APR 2020

Union Ministry of Home Affairs (MHA) had issued consolidated guidelines on the lockdown measures to be taken by Ministries/ Departments of Government of India, State/Union Territory Governments and State/ Union Territory Authorities for containment of COVID-19 epidemic in the country, on 24.03.2020 and further modified on 25.03.2020, 26.03.2020 and 02.04.2020.

At the ground level different interpretations are being made on the items given exceptions, which hinder smooth flow of supply chain of these essential items. Suggestions have also been received from some quarters in regard to these Guidelines. In view of these developments, Union Home Secretary, Shri Ajay Kumar Bhalla has written to all State Chief Secretaries clarifying on ground level issues being faced by States in ensuring smooth flow of supply chain of essential items during national lockdown to fight COVID-19. The communication deals in detail with different categories of essential items exempt from the lockdown restrictions.

Taking the case of “laboratories”, the communication clarifies that they have been exempted from lockdown restrictions.  This includes the testing laboratories in the private sector for Covid-19 samples.  These samples are collected through various collection centres, and thereafter transported to the aforesaid laboratories.  It is reiterated that the opening up of temporary collection centres, movement of lab technicians and transportation of samples from the collection centres to the laboratories is to be allowed and exempted from any lockdown restrictions on movement.

Coming to daily essentials, the communication states that exceptions to sale (including through e-Commerce), production, warehousing and transport of essential goods such as food, groceries, fruits and vegetables, dairy and milk products, meat and fish, animal fodder, seeds, fertilizers and pesticides, agriculture produce, drugs, pharmaceuticals, medical devices, their raw material and intermediaries have been specifically mentioned in the aforesaid guidelines. In a communication on 29th March, 2020, it was clarified that grocery would include hygiene products such as hand washes, soaps, disinfectants, body wash, shampoos, surface cleaners, detergents and tissue papers, toothpaste / oral care, sanitary pads and diapers, charger and battery cells etc.

In order to further streamline supplies of essential goods, following clarifications are issued:-

i)       Queries have been received as to what constitutes food and grocery. Since it is neither feasible nor desirable to mention each item of food and grocery in the guidelines, the State/UT Governments have been advised to interpret these terms to mean all items of food and grocery that are usually consumed by people on day to day basis.

ii)      Production, warehousing and transport of essential goods are included under exceptions in the guidelines and the district authorities are issuing individual passes to businesses covered in the exempted category. Difficulties in getting passes are, however, being faced by businesses having nation-wide supply chains of essential goods. In order to address this concern, the State/UT Governments have been advised to issue authorization letters to companies/ organizations having nation-wide supply chains of essential goods, allowing them to issue regional passes for easy movement of critical staff and workers in order to maintain their national supply chains. It has been further advised to keep the numbers of such authorizations bare minimum.

iii)     While operations of Railways, Airports and Seaports for cargo movement, relief and evacuation is allowed under the guidelines, difficulties are being faced in obtaining passes from district authorities in some cases. In order to address this and to accelerate unloading and mobility of goods across the country, it has been clarified that the designated authorities under Railways, Ports and Airports be allowed to issue passes for a critical mass of staff and contractual labour that are essential for such operations.

iv)     Inter-state and intra-state movement of all trucks and other goods / carrier vehicles, with one driver and one additional person, is allowed as long as the driver is carrying a valid driver’s license. If the truck/ vehicle is travelling empty, invoice, way-bill etc. for delivery or pick up of goods may additionally be carried by the drivers. Movement of driver and one person from their place of residence to truck should also be facilitated by local authorities.

v)      All movement of persons with the passes shall be subject to strict adherence to norms for hygiene and social distancing as is required in the context of COVID19.

The communication emphasizes that District authorities and field agencies may be informed on the above accordingly, so as to avoid any ambiguity at the ground level.

Source: PIB
*****
Share:

Ex-Servicemen mobilised to fight COVID-19 pandemic

Ex-Servicemen mobilised to fight COVID-19 pandemic


The Department of Ex-Servicemen Welfare (ESW), Ministry of Defense has requested all the ex-servicemen to come forward to assist the state and district administration to fight the nationwide corona infection. For more details of mobilised to fight COVID-19 pandemic, read below:

Ministry of Defence

Ex-Servicemen mobilised to fight COVID-19 pandemic

ESM rise to occasion with motto of ‘Service before Self'

02 APR 2020

As the nation continues to fight the challenges posed by COVID-19 pandemic, Department of Ex-Servicemen welfare (ESW), Ministry of Defence (MoD) has taken the initiative to mobilise services of Ex-Servicemen (ESM) community as a part of augmentation of precious human resource to assist the State and District administration, wherever required.

Rajya Sainik Boards, Zila Sainik Boards are playing a dynamic role in identifying and mobilising maximum ESM volunteers to assist the State and District Administration in performing public outreach activities such as contact tracing, community surveillance, management of quarantine facilities or any such tasks assigned to them.

It is heartening to note the ESM across the country have risen to the occasion of ‘Service before Self' at a time when nation has made a clarion call and need them to fight this unique challenge. Ex-Servicemen are disciplined, motivated and well trained to operate in adverse situations and they have pan-India presence in all the districts and villages across the country.

In the state of Punjab, an organisation called ‘Guardians of Governance’, comprising 4,200 ESM, are assisting in data collection from all the villages. Chhattisgarh government has employed some ESM to assist the police. Similarly in Andhra Pradesh all the District Collectors have asked for ESM volunteers. In Uttar Pradesh, all Zila Sainik Kalyan Adhikaris are in touch with District Control Rooms and retired Army Medical Corps personnels have been identified and kept ready. In addition, Sainik Rest Houses are being readied in Uttarakhand to act as isolation/quarantine Centres if need arises. In Goa, a control room has been established and ESM have been asked to remain on standby for any assistance to the local administration.

Source: PIB
***
Share:

कोविड-19 के मद्देनजर आईसीएआर ने रबी फसलों हेतु किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की

‘कोविड-19’ के मद्देनजर आईसीएआर ने रबी फसलों हेतु किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की


भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् (ICAR) ने देश और पुरे विश्व में फ़ैल रहे कोरोना वायरस को देखते हुए किसानों को जो लॉकडाउन से जो छूट दी थी, इसी को देखते हुए किसानो के लिए रबी फसल की कटाई और मड़ाई से सम्बंधित निर्देश जारी की है. इसे विस्तार से जानने के लिए नीचे पढ़ें:

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय

‘कोविड-19’ फैलने के मद्देनजर आईसीएआर ने रबी फसलों हेतु किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की

31 MAR 2020

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को ध्‍यान में रखते हुए रबी फसलों की कटाई एवं मड़ाई और फसल कटाई के बाद कृषि उपज के भंडारण  एवं विपणन के लिए निम्नलिखित एडवाइजरी जारी की है:

फसलों की कटाई एवं मड़ाई

देश में कोविड-19 वायरस के फैलने के खतरे के साथ ही फसलें भी तेजी से पकने की ओर अग्रसर हैं। इन फसलों की कटाई एवं उन्‍हें बाजार तक पहुंचाने का काम वांछनीय है क्योंकि कृषि कार्य में समय की बाध्यता अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः किसानों के लिए सावधानी एवं सुरक्षा का पालन करना बहुत ही जरूरी है, ताकि इससे महामारी का फैलाव ना हो सके। ऐसी स्थिति में साधारण एवं सरल उपाय जैसे सामाजिक दूरी बनाए रखना, साबुन से हाथों को साफ करते रहना, चेहरे पर मास्क लगाना, सुरक्षा हेतु कपड़े पहनना एवं कृषि संयंत्रों एवं उपकरणों की सफाई करना अत्यंत आवश्यक है। किसानों के लिए खेती के प्रत्येक कार्य के दौरान एक-दूसरे से सामाजिक दूरी बरकरार रखते हुए काम करना आवश्यक है।

निम्नलिखित कुछ सलाह किसानों के लिए अत्‍यंत उपयोगी हैं:

  • भारत के उत्तरी प्रांतों में गेहूं पकने की स्थिति में आ रही है। अतः इनकी कटाई के लिए कम्बाइन कटाई मशीन का उपयोग एवं प्रदेशों के अन्दर तथा दो प्रदेशों के बीच इनके आवागमन की अनुमति भारत सरकार के आदेश के तहत दी गई है। हालांकि, इस दौरान मशीनों के रखरखाव एवं फसल कटाई में लगे श्रमिकों की सावधानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
  • इसी प्रकार उत्तर भारत की सरसों रबी की महत्वपूर्ण फसल है जिसकी किसानों द्वारा हाथ से कटाई एंव कटी फसलों की मड़ाई का कार्य जोरों से चल रहा है।
  • मसूर, मक्का और मिर्ची जैसे फसलों की भी कटाई एवं तुड़ाई चल रही है तथा चने की फसल पकने की स्थिति में आ रही है।
  • गन्ने की कटाई जोरों पर है तथा उत्तर भारत में इसकी रोपाई (हाथ से) का भी समय है।
  • ऐसी स्थिति में समस्त किसानों एवं कृषि श्रमिकों, जो फसलों की कटाई, फल एवं सब्जियों की तुड़ाई, अंडों और मछलियों के उत्पादन में लगे हैं, द्वारा इन कार्यों के क्रियान्वयन के पहले, कार्यों के दौरान एवं कार्यों के उपरांत व्यक्तिगत स्वच्छता तथा सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है।
  • फसलों की हाथ से कटाई/तुड़ाई के दौरान बेहतर होगा कि 4-5 फीट की पट्टियों में काम किया जाए तथा एक पट्टी की दूरी में एक ही श्रमिक को कार्यरत रखा जाए। इस प्रकार कार्यरत श्रमिकों के बीच उचित दूरी सुनिश्चित की जा सकेगी।
  • सभी व्यक्तियों/श्रमिकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि वे मास्क पहन कर ही काम करें तथा बीच-बीच में साबुन से हाथ धोते रहें।
  • एक ही दिन अधिक श्रमिकों को कार्य में लगाने के बजाय उस कार्य को अवधि/दिनों में बांट दिया जाए तथा खेतों में काम विभिन्‍न अंतराल में किया जाए।
  • जहां तक संभव हो, परिचित व्यक्ति को ही खेतों के कार्य में लगाएं। किसी भी अनजान श्रमिक को खेत में काम करने से रोकें, ताकि वे इस महामारी का कारण न बन सकें।
  • जहां तक संभव हो, कृषि कार्य उपकरणों व मशीनों से ही किया जाए, न कि हाथों से और इसके साथ ही केवल उपयुक्त व्यक्ति को ही ऐसे संयंत्रों को चलाने दिया जाए।
  • कृषि कार्यों में लगे संयंत्रों को कार्यों के पूर्व तथा कार्यों के दौरान साफ (सैनिटाइज) किया जाना चाहिए। इसके साथ ही बोरी तथा अन्य पैकेजिंग सामग्री को भी साफ (सैनिटाइज) किया जाना चाहिए।
  • खलिहानों में तैयार उत्पादों को छोटे-छोटे ढेरों में इकट्ठा करें जिनकी आपस में दूरी 3-4 फीट हो। इसके साथ ही प्रत्येक ढेर पर 1-2 व्यक्ति को ही कार्य पर लगाना चाहिए तथा भीड़ इकट्ठा करने से बचना चाहिए।
  • कटाई किए गए मक्के एवं खोदी हुई मूंगफली की मड़ाई हेतु लगाई गई मशीनों की उचित साफ-सफाई एवं स्वच्छता (सैनिटाइज) सुनिश्चित करें, खासकर यदि इन मशीनों को अन्य किसानों या कृषक समूहों द्वारा उपयोग किया जाना है। इन मशीनों के पार्ट्स (पुर्जो) को बार-बार छूने पर साबुन से हाथ धोना चाहिए।


फसल कटाई के बाद कृषि उपज का भंडारण और विपणन


  • प्रक्षत्रों पर कुछ खास कार्यों जैसे कि मड़ाई, सफाई, सुखाई, छंटाई, ग्रेडिंग, तथा पैकेजिंग के दौरान किसानों/श्रमिकों को चेहरे पर मास्क अवश्य लगाना चाहिए, ताकि वायु-कण एवं धूल-कण से बचा जा सके और श्वास से संबंधित तकलीफों से दूर रहा जा सके।
  • तैयार अनाजों, मोटे अनाजों तथा दालों को भंडारण के पहले पर्याप्त सुखा लें तथा जूट की पुरानी बोरियों का उपयोग भडारण हेतु न करें। नई बोरियों को नीम के 5 प्रतिशत घोल में उपचारित कर तथा सूखा कर ही अनाजों के भंडारण हेतु उपयोग करें।
  • शीत भंडारों, सरकारी गोदामों तथा अन्य गोदामों द्वारा आपूर्ति की गई जूट की बोरियों का उपयोग अनाज भंडारण हेतु काफी सतर्कतापूर्वक करें।
  • अपने उत्पादों को बाजार-यार्ड अथवा नीलामी स्थल तक ले जाने के दौरान ढुलाई के वक्त किसान अपनी निजी सुरक्षा का भरपूर ध्यान रखें।
  • बीज उत्पादक किसानों को अपने बीजों को लेकर बीज कंपनियों तक ढुलाई करने की इजाजत है, बशर्ते कि उन किसानों के पास संबंधित दस्तावेज हों तथा भुगतान के वक्त वे समुचित सावधानी बरतें।
  • बीज प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग, संयंत्रों द्वारा बीजों का आवागमन बीज उत्पादक प्रांतों से फसल उत्पादक प्रांतों तक आवश्यक है, ताकि गुणवत्‍ता युक्त बीजों की उपलब्धता आगामी खरीफ सीजन के लिए सुनिश्चित की जा सके (दक्षिण भारत से उत्तर भारत तक)। उदाहरण के लिए, अप्रैल के महीने में उत्तर भारत में हरे चारे की खेती हेतु बीज की आपूर्ति दक्षिण भारत के प्रांतों द्वारा की जाती है।
  • इनके अतिरिक्त, किसानों द्वारा उनके प्रक्षेत्रों पर तैयार टमाटर, फूल गोभी, हरी पत्तेदार सब्जियां, खीरा तथा लौकी श्रेणी की अन्य सब्जियों के बीज के सीधे विपणन में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।


खेतों में खड़ी फसलें

  • जैसा कि देखा जा रहा है कि इस बार ज्‍यादातर गेहूं उत्पादक प्रांतों में औसत तापमान विगत अनेक वर्षों के औसत तापमान से कम है, अतः गेहूं की कटाई कम-से-कम 10-15 दिन आगे बढ़ने की संभावना है। ऐसी दशा में किसान यदि 20 अप्रैल तक भी गेहूं की कटाई करें तो भी उन्हें कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा। इस प्रकार गेहूं की खरीदारी राज्य सरकारों व अन्य एजेंसियों द्वारा करना आसान होगा।
  • दक्षिण भारत के प्रातों में शीतकालीन (रबी) धान की फसल के दाने पुष्ट होने की अवस्था में हैं तथा नेक ब्लास्ट रोग से प्रभावित हैं। अतः किसानों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित रोगनाशक रसायन का छिड़काव सावधानीपूर्वक करें।
  • इन्हीं प्रांतों में धान की कटाई की अवस्था में यदि असामयिक बारिश हो जाए तो किसानों को 5 प्रतिशत लवण के घोल का छिड़काव फसल पर करना चाहिए, ताकि बीज अकुंरण को रोका जा सके।
  • उद्यानिकी फसलें, खासकर, आम के पेड़ पर इस समय फल बनने की अवस्था है। आम के बागों में पोषक तत्वों के छिड़काव तथा फसल सुरक्षा के उपायों के दौरान रासायनिक कच्‍चे माल का समुचित संचालन, उनका सम्मिश्रण, उपयोग तथा संबंधित संयंत्रों की सफाई अत्यंत आवश्यक है।
  • चना/सरसों/आलू/गन्ना/गेहूं के बाद खाली खेतों में जहां ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती होनी है वहां मूंग की फसलों में सफेद मक्‍खी के प्रबंधन हेतु उचित रसायनों के उपयोग के दौरान समुचित सुरक्षा का पालन करें, ताकि इन फसलों को पीले मोजैक (विषाणु) के प्रकोप से बचाया जा सके।


कोविड-19 के कारण किए गए लॉकडाउन के दौरान निम्नलिखित कृषि और संबद्ध गतिविधियों को छूट दी गयी हैः

  • पशु चिकित्सा अस्पताल।
  • एमएसपी परिचालनों सहित कृषि उत्पादों की खरीद हेतु उत्तरदायी समस्त अभिकरण।
  • जिन मंडियों का संचालन कृषि उपज मंडी समिति द्वारा किया जाता है या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाता है।
  • किसानों और खेत श्रमिकों द्वारा खेती का कार्य।
  • फार्म मशीनरी से संबंधित कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी)।
  • उर्वरक, कीटनाशक और बीज के विकास और पैकेजिंग में कार्यरत इकाइयां।
  • कम्बाइन हार्वेस्टर और कृषि/बागवानी उपकरणों की कटाई और बुवाई से संबंधित मशीनों की अंतर-राज्य आवाजाही।

इन छूटों से कृषि और खेती से संबंधित गतिविधियों को बिना किसी असुविधा के सुनिश्चित किया जा सकेगा ताकि आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और किसानों को लॉकडाउन के दौरान किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार (इसके लिए संख्‍या 40-3/2020-डीएम-आई(ए) दिनांक 24, 25 और 27 मार्च, 2020 देखें) लॉकडाउन के दौरान कार्यान्वयन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित मंत्रालयों/विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ये अनुच्‍छेद 2, 4, 5 और 6 के अतिरिक्‍त हैं, जो भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुरोधों पर आधारित हैं।

भारत सरकार के नीति-निर्देशों के आधार पर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित गतिविधियों को जारी रखने के लिए राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा कार्यान्वयन हेतु दिशा- निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

स्रोत: PIB
*****
Share:

कोरोना वायरस के बारे में कितना जानते हैं आप और क्या जानना है जरूरी!

कोरोना वायरस के बारे में कितना जानते हैं आप और क्या जानना है जरूरी!


आजकल सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर आ रहे विभिन्न प्रकार के कोरोना वायरस से सम्बंधित लेख को देखते हुए विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने कोरोना से सम्बंधित सभी जानकारी जनता से साझा की है जो उनके लिए लाभकारी है और उनसे बचाव में सहायक सिद्ध होगी. इस लेख को पढने के लिए नीचे पढ़ें:

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

कोरोना वायरस के बारे में कितना जानते हैं आप और क्या जानना है जरूरी!

01 APR 2020

नोवेल कोरोना वायरस के बारे में कई तरह की बातें सोशल मीडिया, वाट्सऐप और इंटरनेट के माध्यम से फैल रही हैं। इनमें से कुछ सही हैं, तो बहुत-सी बातें बिल्कुल निराधार हैं। ऐसे समय में जब कोरोना वायरस महामारी बनकर दुनियाभर में हजारों लोगों की जान ले चुका है, तो इससे जुड़े कुछ अनिवार्य पहलुओं के बारे में जानना जरूरी है।  विभिन्न शोध निष्कर्षों पर आधारित विज्ञान प्रसार में वरिष्ठ वैज्ञानिक  डॉ टीवी वेंकटेश्वरन  का  यह आलेख.

संक्रमण: वायरस गले और फेफड़ों में उपकला (epithelial) कोशिकाओं को संक्रमित करता है। SARS-CoV-2 मानव कोशिकाओं के संपर्क में आने पर ACE2 रिसेप्टर्स से बंध जाता है, जो अक्सर गले और फेफड़ों में पाए जाते हैं। हालाँकि, त्वचा पर चिपकने के बावजूद वायरस नुकसान नहीं पहुँचाता क्योंकि बाहरी त्वचा पर उसका संपर्क ACE2 से नहीं होता है। यह वायरस नाक, आँखों और मुँह से होकर शरीर में प्रवेश करता है। हमारे हाथ इसका मुख्य साधन हो सकते हैं, जो हमारे मुँह, नाक और आँखों तक वायरस को पहुँचा सकते हैं। जितनी बार संभव हो 20 सेकंड तक साबुन के पानी से हाथ धोना संक्रमण को रोकने में मदद करता है।

संक्रामक खुराक: मैकाक बंदर को संक्रमित करने के लिए सात लाख पीएफयू खुराक की आवश्यकता पड़ती है। पीएफयू (प्लाक बनाने की इकाई) नमूना संक्रामकता के मापन की एक इकाई है। हालाँकि, बंदर में कोई नैदानिक लक्षण नहीं देखे गए हैं, नाक और लार के द्रव कणों में वायरल लोड था। मनुष्य को इस वायरस से संक्रमित होने के लिए सात लाख पीएफयू से अधिक खुराक की आवश्यकता होगी। ACE2 रिसेप्टर्स वाले आनुवंशिक रूप से संशोधित चूहों पर एक अध्ययन से पता चला है कि वह केवल 240 पीएफयू खुराक से SARS से संक्रमित हो सकता है। इसकी तुलना में, चूहों को नये कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लिए 70,000 पीएफयू की आवश्यकता होगी।

संक्रामक अवधि: यह अभी पूरी तरह ज्ञात नहीं है कि कोई व्यक्ति कितनी अवधि तक दूसरों को संक्रमण पहुँचा सकता है, लेकिन अब तक यह माना जा रहा है कि यह अवधि 14 दिन की हो सकती है। संक्रामक अवधि को कृत्रिम रूप से कम करना समग्र संचरण को कम करने का एक महत्वपूर्ण तरीका हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में एकांत कमरे में भर्ती करना, दूसरे लोगों से अलगाव और लॉकडाउन संक्रमण रोकने के प्रभावी तरीके हो सकते हैं।

कौन कर सकता है संक्रमित: वायरस से संक्रमित कोई भी व्यक्ति लक्षण प्रकट होने से पहले ही दूसरों को संक्रमित कर सकता है। खाँसी या छींक आने पर हमारे मुँह और नाक को ढंकने से संक्रमण को कम करने में मदद मिल सकती है। वायरस पूरी संक्रामक अवधि में संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक और मल में मौजूद रहता है।

हम कैसे करते हैं संक्रमित: संक्रमण प्रायः द्रव कणों के माध्यम से होता है। इसके लिए, छह फीट से कम नजदीकी संपर्क की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि यह सिफारिश की जाती है कि हम सार्वजनिक स्थानों जैसे- सब्जी बाजार या सुपरमार्केट में एक-दूसरे से 1.5 मीटर दूर रहें। हांगकांग में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि सामाजिक दूरी बनाए रखकर 44% तक संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। फोन, दरवाजे की कुंडी और दूसरी सतहें वायरस के संचरण का संभावित स्रोत हो सकती हैं, लेकिन इसके बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं है। दरवाजे की कुंडी, लिफ्ट का बटन और सार्वजनिक स्थानों पर काउंटर को छूने के बाद हाथों को सैनेटाइज करना बचाव का सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

हम कितने लोगों को संक्रमित करते हैं: एक विशिष्ट संक्रामक व्यक्ति के कारण होने वाले नए संक्रमणों की औसत संख्या मानव संक्रामकता सीमा 2.2 से 3.1 के बीच है। सरल शब्द में, एक संक्रमित व्यक्ति औसतन लगभग 2.2 से 3.1 व्यक्तियों को संक्रमित करता है। एक-दूसरे से दूरी बनाए रखकर हम वास्तविक संचरण क्षमता को कृत्रिम रूप से कम कर सकते हैं, इस प्रकार संक्रमण की दर को धीमा कर सकते हैं।

वायरस कहां से आया: यह चमगादड़ का सूप पीने से तो नहीं हुआ है। जब खाद्य उत्पादों को उबाला जाता है, तो वायरस नष्ट हो जाता है। प्रारंभ में, यह अनुमान लगाया गया था कि SARS-CoV-2 वायरस चमगादड़ से मनुष्यों में पहुँचा है। लेकिन, हाल ही में हुए जीनोम के अध्ययन से पता चलता है कि इनसानों में पहुँचने से पहले इसे किसी मध्यस्थ प्रजाति तक जाना चाहिए था। एक अन्य अध्ययन से संकेत मिलता है कि SARS-CoV-2 वायरस का एक वंश बीमारी फैलने से पहले मनुष्यों में मौजूद था।

कैसे विकसित हुआ वायरस: मनुष्यों में पहुँचने से पहले SARS-CoV-2 या तो किसी जंतु मेजबान में वायरल रूप के प्राकृतिक चयन या फिर जूनोटिक ट्रांसमिशन के बाद मनुष्यों में वायरल रूप के प्राकृतिक चयन से उभरा है। केवल अधिक अध्ययन से पता चलेगा कि दोनों में से कौन-सा तथ्य सही है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं हैं कि SARS-CoV-2 में कौन से रूपांतरण हैं, जिन्होंने मानव संक्रमण और संचरण को बढ़ावा दिया है।

SARS-CoV2 कब सामने आया: दिसंबर 2019 से पहले SARS-CoV2 के कोई दस्तावेजी मामले सामने नहीं आए हैं। हालाँकि, प्रारंभिक जीनोमिक विश्लेषण बताता है कि SARS-CoV-2 के पहले मानव मामले मध्य अक्तूबर से मध्य दिसंबर 2019 के बीच सामने आए थे। इसका मतलब है कि प्राथमिक जूनोटिक घटना और मनुष्यों में इसके प्रकोप के फैलने के बीच की अवधि के बारे में जानकारी नहीं है।

क्या यह जानवरों को संक्रमित कर सकता है: आणविक मॉडलिंग से पता चलता है कि SARS-CoV-2 मानव के अलावा, चमगादड़, सिवेट, बंदर और सुअर की कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है। हालाँकि, यह घरेलू पशुओं को संक्रमित नहीं करता है। अंडे या अन्य पॉल्ट्री उत्पादों का सेवन करने से भी SARS-CoV-2 संक्रमण नहीं होता।

क्या कोई दो बार संक्रमित हो सकता है: एक बार खसरा होने के बाद अधिकतर लोगों में जीवन भर के लिए इस बीमारी के प्रति प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है। इसके बाद शायद ही उन्हें फिर से खसरा होता है। प्रायोगिक रूप से संक्रमित मैकाक बंदर में दोबारा इससे संक्रमित होने के मामले नहीं देखे गए हैं। इसी तरह, मनुष्यों में भी SARS-CoV-2 से उबरने के बाद दोबारा इससे संक्रमित होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। हालाँकि, यह प्रतिरक्षा कब तक बनी रह सकती है, यह कहना मुश्किल है।

कितनी गंभीर है बीमारी: COVID-19 मौत की सजा नहीं है। इसके अधिकांश मामले हल्के (81%) हैं, लगभग 15% मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है और 5% को महत्वपूर्ण देखभाल की आवश्यकता होती है। अधिकतर संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

कौन हैं सबसे अधिक संवेदनशील : हेल्थकेयर कार्यकर्ता इस वायरस के खतरे के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। लोम्बार्डी, इटली में लगभग 20% स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करते हुए संक्रमित हो रहे हैं। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धों, हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और साँस संबंधी रोगों से ग्रस्त लोगों में इसका खतरा अधिक होता है।

मौत का कारण क्या है: अधिकांश मौतें श्वसन तंत्र फेल होने या फिर श्वसन तंत्र से जुड़ी परेशानी एवं हृदय संबंधी समस्याओं के संयुक्त प्रभाव के कारण होती हैं। फेफड़ों में द्रव का रिसाव, जो श्वसन को रोकता है और रुग्णता को बढ़ावा देता है। वर्तमान में, COVID-19 के लिए उपचार मुख्य रूप से सहायक देखभाल है, यदि आवश्यक हो तो वेंटिलेशन उपयोग किया जा सकता है। फिलहाल, कई चिकित्सीय परीक्षण जारी हैं, और परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है।

क्या वायरस दूध के पाउच या समाचार पत्रों द्वारा प्रेषित होते हैं: SARS-CoV-2 प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टील सतहों पर 3 दिनों तक बना रह सकता है। जब वायरल लोड 10,000 पीएफयू था, तो यह केवल 5 मिनट के लिए अखबार और सूती कपड़े पर रह सकता था। हालाँकि, वायरस को हटाने के लिए दूध के पाउच को धोना पर्याप्त है।

क्या यह हवा में फैल सकता है: हवा में, वायरस केवल 2.7 घंटे तक जीवित रह सकता है। इसलिए, घर की बालकनी या छत जैसे खुले स्थानों में इससे होने वाले  नुकसान का खतरा नहीं होता है।

क्या कोई कम प्रभावकारी रूप है: इस वायरस के विभिन्न उपभेदों की पहचान की जा रही है, लेकिन अब तक के अध्ययनों में किसी भी रूपांतरण का संकेत नहीं मिला है, जो संचरण या रोग की गंभीरता से जुड़ा हो।

क्या गर्मी या बरसात से मिल सकती है राहत : तापमान और आर्द्रता में वृद्धि के साथ संचरण में कमी को दर्शाने के कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है।

स्रोत: PIB
*****
Share:

Self Care Tips for Immunity Boosting to fight against COVID-19

Self Care Tips for Immunity Boosting to fight against COVID-19


Ministry of Ayush has publish the tips of self care for immunity boosting to fight against COVID-19. In this tips General Measures, Ayurvedic Immunity Measures, Simple Ayurvedic Procedures and   During dry cough / sore throat Measures issued by Ayush Ministry. For more details of preventing tips of self care for COVID-19, read below:

AYUSH

Ayurveda’s immunity boosting measures for self care during COVID 19 crisis

31 MAR 2020

In the wake of the Covid 19 outbreak, entire mankind across the globe is suffering. Enhancing the body’s natural defence system (immunity) plays an important role in maintaining optimum health. We all know that prevention is better than cure. While there is no medicine for COVID-19 as of now, it will be good to take preventive measures which boost our immunity in these times.

Ayurveda, being the science of life, propagates the gifts of nature in maintaining healthy and happy living. Ayurveda’s extensive knowledge base on preventive care derives from the concepts of “Dinacharya” - daily regimes and “Ritucharya” - seasonal regimes to maintain healthy life. It is a plant-based science. The simplicity of awareness about oneself and the harmony each individual can achieve by uplifting and maintaining his or her immunity is emphasized across Ayurveda’s classical scriptures.

Ministry of AYUSH recommends the following self-care guidelines for preventive health measures and boosting immunity with special reference to respiratory health. These are supported by Ayurvedic literature and scientific publications.

 General Measures
  1. Drink warm water throughout the day.
  2. Daily practice of Yogasana, Pranayama and meditation for at least 30 minutes as advised by Ministry of AYUSH (#YOGAatHome #StayHome #StaySafe)
  3. Spices like Haldi (Turmeric), Jeera (Cumin), Dhaniya (Coriander) and Lahsun (Garlic) are recommended in cooking.
Ayurvedic Immunity Promoting Measures
  1. Take Chyavanprash 10gm (1tsf) in the morning. Diabetics should take sugar free Chyavanprash.
  2. Drink herbal tea / decoction (Kadha) made from Tulsi (Basil), Dalchini (Cinnamon), Kalimirch (Black pepper), Shunthi (Dry Ginger) and Munakka (Raisin) - once or twice a day. Add jaggery (natural sugar) and / or fresh lemon juice to your taste, if needed.
  3. Golden Milk- Half tea spoon Haldi (turmeric) powder in 150 ml hot milk - once or twice a day.
Simple Ayurvedic Procedures
  1. Nasal application - Apply sesame oil / coconut oil or Ghee in both the nostrils (PratimarshNasya) in morning and evening.
  2. Oil pulling therapy- Take 1 table spoon sesame or coconut oil in mouth. Do not drink, Swish in the mouth for 2 to 3 minutes and spit it off followed by warm water rinse. This can be done once or twice a day.
  During dry cough / sore throat
  1. Steam inhalation with fresh Pudina (Mint) leaves or Ajwain (Caraway seeds) can be practiced once in a day.
  2. Lavang (Clove) powder mixed with natural sugar / honey can be taken 2-3 times a day in case of cough or throat irritation.
  3. These measures generally treat normal dry cough and sore throat. However, it is best to consult doctors if these symptoms persist.

The above measures can be followed to the extent possible as per an individual’s convenience.  These measures are recommended by following eminent Vaidyas from across the Country as they may possibly boost an individual’s immunity against infections: Padma ShriVaidya P R Krishnakumar, Coimbatore, Padma Bhushan Vaidya Devendra Triguna, Delhi, Vaidya P M Varier, Kottakkal, Vaidya Jayant Devpujari, Nagpur, Vaidya Vinay Velankar, Thane, Vaidya B S Prasad, Belgaum, Padma Shri Vaidya Gurdeep Singh, Jamnagar, Acharya Balkrishnaji, Haridwar, Vaidya M S Baghel, Jaipur, Vaidya R B Dwivedi, Hardoi UP, Vaidya K N Dwivedi, Varanasi, Vaidya Rakesh Sharma, Chandigarh, Vaidya Abichal Chattopadhyay, Kolkata, Vaidya Tanuja Nesari, Delhi, Vaidya Sanjeev Sharma, Jaipur, Vaidya Anup Thakar, Jamnagar

Disclaimer: The above advisory does not claim to be treatment for COVID 19

***

Source: PIB
Share:

India’s success key to global fight against Corona virus

India’s success key to global fight against Corona virus


The Vice President of India and the Chairman of the Rajya Sabha, Shri M. Venkaiah Naidu, thanked the 130 crore countrymen, the Central Government and all the State Governments for making the first week of the nationwide lockdown a success, urging all that the next two weeks More important is to defeat Corona, so the next two weeks support even more. For more details of this news, read below:

Vice President's Secretariat

India’s success key to global fight against Corona virus, says Vice President

First week of national lock down very encouraging and the next two weeks very critical

Indian jugaad, intent and innovation gets global attention

No place for quibbling over issues if any: Situation demands united front

Vice President urges people to make a virtue out of prolonged confinement to homes

31 MAR 2020

Vice-President of India and Rajya Sabha Chairman Shri M.Venkaiah Naidu has lauded the efforts of the central and State governments and the resolve, response and cooperation of the people leading to successful implementation of the first week of the nationwide lockdown announced to contain the spread of Corona virus in the country with a population of 130 crore.

Summing up the outcomes of the first week of lockdown, Shri Naidu noted that the circles, boxes and the lines drawn at grocery stores and vegetable markets to ensure physical distance, government machinery enforcing the lockdown and the Indian jugaad of converting railway wagons into isolation wards, some scientists and organizations quickly designing testing tool kits and ventilators have received global acknowledgment marking appreciation of India’s intent to fight the challenge of the virus, showing the way to others.

Shri Naidu further said that amidst such a massive unprecedented social and physical lockdown across the nation, some issues are bound to arise like that of migrant labourers and farmers during the harvest season and hoped that central and State governments will fix such problems. He noted with satisfaction the supply and availability of essential commodities during this first week. The Vice-President stressed that next two weeks of the lockdown are very crucial in containing the spread of  Corona virus and appealed to the people to cooperate with the ongoing efforts with even enhanced resolve and commitment.

Shri Naidu said that given the size of our population and health infrastructure, success of India in fighting the virus holds key to the success of global fight against the killer virus which has already taken a heavy toll of health and wealth across the nations. He asserted that Indians have a certain responsibility towards the fellow human kind and shall be guided by this dharma and act accordingly for our collective triumph in this hour of global crisis.

He further said that the present context does not allow us to present a divided front as it warrants a united effort. Shri Naidu urged the intellectuals and others to hold back issues, if any till the crisis is over and instead  come forth with suggestions for effectively tackling the challenge.

Following is the statement of Vice-President Shri Venkaiah Naidu:

“I whole heartedly appreciate the efforts of the central and State Governments and the resolute response of the people of the country to contain the spread of Corona virus during the first week of the national lockdown announced by the Prime Minister  on the 24th of this month. It was a hard but inevitable decision given the 130 crore population of our country and the status of health infrastructure. Extreme situations warrant such extreme options. The first week of the three week lockdown has raised hopes of meeting the challenge even as the duration of the fight remains uncertain at this stage.

Our spirited efforts are receiving global acknowledgment. The circles, boxes and the lines drawn at the grocery stores and vegetable markets to maintain physical distance, people lining up in queues, conversion of railway wagons into isolation wards, quick designing of testing tool kits and ventilators and enforcement of lockdown by the government machinery are being acknowledged as a mark of our resoluteness to fight the dreaded virus which has already taken a heavy toll of health and wealth across the nations.

Availability of essential commodities is being ensured across the nation while we are witnessing chaos in some developed nations in this regard.

There is no place for quibbling over some issues amidst such a massive national effort in this hour of crisis. Situation warrants that we present a united front instead of a divided one. I urge the intellectuals and others to hold back issues, if any till we overcome the crisis, while exercising their right to seek answers. I call upon them to come forward with suggestions for effectively tackling the menace.

  Central and State Governments are doing their best to address the concerns and problems of the migrant labourers. I am confident that all necessary measures would be taken in quick time to address the same. Problems and issues being faced on the ground may be brought to the notice  of the governments for resolving them in an appropriate manner. 

Industrial establishments and contractors need to stand by the workforce who may be out of work during this lockdown by doing the needful to alleviate their hardship. Situation calls for a humanitarian approach on the part of all concerned.

Farming is our mainstay and all possible measures should be taken to enable normal harvest. Farmers and farm labourers should be handheld to harvest the produce in a safe manner. Governments shall ensure that all farm produce is procured at remunerative prices in the villages by doing the needful.  I have spoken to the Minister of Agriculture & Farmers’ Welfare and Cabinet Secretary regarding necessary interventions in this regard.

            Home confinement over a prolonged period is a new experience. This offers an opportunity to make a virtue out of it. Away from the busy order of life, this gives us an opportunity to renew our bonds with the kin of the family by spending quality time with each other.

                Share and Care  is one of the core ethos of our society. Let us extend a helping hand to the needy and the vulnerable in an appropriate manner as we abide by the norms and requirements of national lockdown.

            I urge the netizens to make proper and effective use of social media. Instead of disseminating unauthenticated and frivolous information about the Corona virus, let us use it for spreading the right awareness about the problem and the preventive and post-infection measures to be taken. Instead of creating a scare, we need to empower the people to face the challenge.

            People’s cooperation is the key to effective actions of the governments in this hour of challenge. I urge the people to collectively rise to the occasion. Learning from the experiences of the first week of lockdown, let us cooperate over the next two weeks which is a critical period for containing the spread of the virus.

            As a major component of the global humanity, let us be guided by the spirit of obligation towards the fellow humankind and act accordingly over the next two weeks. India’s success in containing the virus holds the key to the success of the global efforts.

Front line warriors in the fight against the virus like doctors, paramedics, police forces, sanitation workers are rendering yeomen services despite risks involved. It is the duty of the people to do their bit by strictly observing social and physical distance and suggested sanitary practices.

 Given the magnitude of efforts required and being mounted to fight the virus, I appeal to the people to generously contribute to PM CARES Fund. I whole heartedly appreciate the individuals and organizations who have done so.

I fondly hope that India shows the way in this hour of crisis.”

Source: PIB
*****
Share:

State wise helpline and WhatsApp number released for Coronavirus

State wise helpline and WhatsApp number released for Coronavirus

Ministry of Health & Family Welfare has uploaded the State wise helpline numbers of all states for Coronavirus cases. If any issue of Coronavirus then you may call on these numbers for concern. The list of helpline numbers of all states, given below. Government has also issued a whatsapp no. for Corona Helpdesk: +91-9013151515


Sl. No. State/UT State Helpline No.
1
Andhra Pradesh
0866-2410978
2
Arunachal Pradesh
9436055743
3
Assam
6913347770
4
Bihar
104
5
Chhattisgarh
077122-35091
6
Goa
104
7
Gujarat
104
8
Haryana
8558893911
9
Himachal Pradesh
104
10
Jharkhand
104
11
Karnataka
104
12
Kerala
0471-2552056
13
Madhya Pradesh
0755-2527177
14
Maharashtra
020-26127394
15
Manipur
3852411668
16
Meghalaya
108
17
Mizoram
102
18
Nagaland
7005539653
19
Odisha
9439994859
20
Punjab
104
21
Rajasthan
0141-2225624
22
Sikkim
104
23
Tamil Nadu
044-29510500
24
Telangana
104
25
Tripura
0381-2315879
26
Uttarakhand
104
27
Uttar Pradesh
18001805145
28
West Bengal
3323412600
29
Andaman and Nicobar Island
03192-232102
30
Chandigarh
9779558282
31
Dadar and Nagar Haveli and Daman & Diu
104
32
Delhi
011-22307145
33
Jammu
01912520982
34
Kashmir
01942440283
35
Laddakh
01982256462
36
Lakshdweep and Puducherry
104

For any queries of Coronavirus and any issue of this disaster, please contact on these numbers. 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए तथा कोई भी केस यदि सामने आये तो प्रत्येक राज्य अपने हेल्पलाइन नंबर जारी किये हैं. 
Share:

We are not the official website and are not linked to any Government or Ministry. All the posts published here are for information purpose only. Please do not treat as official website and please don't disclose any personal information here.

Copyright © 2015 Prime Minister's Schemes प्रधानमंत्री योजना. All rights reserved.

Categories

Copyright © Prime Minister's Schemes प्रधानमंत्री योजना | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com