All about Pradhan Mantri yojana and other government schemes in India.

2019-12-09

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होम लोन लेने से पहले अपने फायदे जान लें

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होम लोन लेने से पहले अपने फायदे जान लें


आप प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं और अपना खुद का घर खरीदने का सपना देखे हैं वो सपना जल्द पूरा हो सकता है। इस संबंध में एबीपी न्यूज की ये रिपोर्ट पढ़ें: 

एबीपी न्यूज नई दिल्लीः क्या आप भी होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं? क्या आप अपना खुद का घर खरीदने का सपना देख रहे हैं? अगर हां, तो जल्द ही आपका सपना पूरा हो सकता है. जी हां, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आपके द्वारा लिए गए होम लोन में आपको दो से ढाई लाख रूपए तक की छूट मिल सकती है. जानिए, क्या है पूरा मामला.

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई योजना है जिसका उद्देश्य कमजोर वर्गों के लिए किफायती आवास प्रदान करना है. 17 जून 2015 को शुरू की गई, PMAY ने देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न से पहले 31 मार्च, 2022 तक लोगों के लिए 2 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा.

सरकार, रियल एस्टेट बिल्डरों के साथ मिलकर चयनित शहरों में पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से किफायती पक्के मकानों के निर्माण को बढ़ावा दे रही है. इस प्रमुख कार्यक्रम के तहत सीएलएसएस या क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना मौजूदा घरों के निर्माण, खरीद या नवीकरण के लिए होम लोन पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है.

शहरी क्षेत्र के लिए "हाउसिंग फॉर ऑल" मिशन को 17.06.2015 को लागू किया गया जिसके तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना की पेशकश की जा रही है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)/लोअर इनकम ग्रुप (LIG) के लिए और मध्य आय समूह (एमआईजी) के लिए, आवास/पुनर्खरीद के निर्माण के लिए आवास ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी. ब्याज सब्सिडी का लाभ मूल बकाया पर होगा. ब्याज सब्सिडी की उपलब्धता और राशि योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के अनुसार आय मानदंडों को पूरा करने के अधीन है.

जानें आप पीएमएवाई सीएलएसएस योजना (PMAY CLSS Scheme) के लिए योग्य हैं या नहीं -  
एक बार जब आप प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करते हैं, तो आपको यह देखने के लिए एक आवेदन संदर्भ संख्या प्राप्त होगी कि क्या आपका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना सूची के लिए सूचीबद्ध है या नहीं. इस सूची में उन व्यक्तियों के नाम होते हैं, जिनके आवेदन स्वीकार किए गए हैं.


पीएमएवाई सीएलएसएस योजना के लिए आवेदन करने वाले जो लोग होम लोन पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करते हैं, उन्हें निम्न मानदंडों को पूरा करना होगा. PMYA को 3 भागों में वर्गीकृत किया गया है. जैसे-


आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और लोअर इनकम ग्रुप (LIG ) श्रेणी के लिए-

  • लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटियां या अविवाहित बेटे शामिल होने चाहिए.


  • एक घर की वार्षिक आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के भीतर होनी चाहिए.


  • संपत्ति का स्वामित्व परिवार की महिला सदस्य के पास होना चाहिए.


  • यह श्रेणी 6.5% की ब्याज सब्सिडी पाने के लिए पात्र है.


मिडल इनकम ग्रुप वन (MIG I) I और मिडल इनकम ग्रुप टू (MIG II)  श्रेणियों के लिए-

  • घर की वार्षिक आय सीएलएसएस एमआईजी वन के लिए 6 लाख से 12 लाख रुपये के बीच होनी चाहिए और सीएलएसएस एमआईजी टू के लिए 12 लाख से 18 लाख रुपये के बीच होनी चाहिए.

  • संपत्ति पर महिला का सह मालिकाना अधिकार वांछनीय है.


  • एक वयस्क कमाई वाले सदस्य के मामले में, चाहे वह विवाहित हो या अविवाहित, इसे एक अलग घराना माना जाना चाहिए.


  • MIG I के तहत योग्य उम्मीदवार 4% की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं, जबकि MIG II के तहत 3% की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं.



अन्य बातें -

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और लोअर इनकम ग्रुप (LIG ) को 2,67,280 रूपयों का लाभ होगा. और मिडल इनकम ग्रुप (MIG) I को 2,35,068 रूपयों का और मिडल इनकम ग्रुप (MIG) II ग्रुप को 2,30,156 रूपयों का फायदा होगा.


  • EWS  और LIG उपभोक्ताओं को फाइल प्रोसेस करवाने के लिए 3000 रूपए और अन्या ग्रुप को 2000 रूपए देने होंगे.


  • EWS  और LIG उपभोक्ताओं का होम लोन 17 जून 2015 से शुरू होने पर ही लाभ होगा. अन्य वर्ग का होम लोग 1 जनवरी 2017 से शुरू होने पर मिलेगा.


  • EWS के लिए कारपेट एरिया 30 Sq. m., LIG के लिए 60 Sq. m., MIG I के लिए 160 Sq. m. और MIG I I के लिए 200 Sq. m. होना अनिवार्य है.


  • होम लोन सिर्फ 20 साल के टेन्योर पर मिलेगा.


  • EWS  और LIG उपभोक्ताओं को इंटरस्ट रेट सब्सिडी 6.50% मिलेगी और MIG I को 4% और MIG I I को 3% ही मिलेगी.



अब आप भी समय रहते अपने खुद के घर के सपने को साकार कर सकते हैं.

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मातृ वंदना योजना का लाभ देने में भागलपुर अव्वल

मातृ वंदना योजना का लाभ देने में भागलपुर अव्वल


मातृ वंदना सप्ताह के दौरान ज्यादा-ज्यादा गर्भवती महिलाओं को लाभ देने के लिए सूची को अपलोड किया गया है। इस सप्ताह अधिक सूची अपलोड होने के कारण भागलपुर को सूबे में प्रथम स्थान मिला है। उन्होंने इसके लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका और डाटा इंट्री ऑपरेटर को बधाई दी।इस संबंध में जागरण की ये रिपोर्ट पढ़ें:

जागरण : भागलपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सप्ताह का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान डीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत कामकाजी महिलाओं को आर्थिक सहयोग दी जाती है ताकि वे पौष्टिक भोजन ले सकें। उन्होंने कहा कि योजना के लाभ के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों फॉर्म जमा लिया जाता है। गर्भवती महिलाओं को तीन किश्तों में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं।

वहीं, आइसीडीएस की डीपीओ अर्चना कुमारी ने बताया कि मातृ वंदना सप्ताह के दौरान ज्यादा-ज्यादा गर्भवती महिलाओं को लाभ देने के लिए सूची को अपलोड किया गया है। इस सप्ताह अधिक सूची अपलोड होने के कारण भागलपुर को सूबे में प्रथम स्थान मिला है। उन्होंने इसके लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका और डाटा इंट्री ऑपरेटर को बधाई दी। इस दौरान डीएम ने बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया।

स्रोत: जागरण
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प्रधानमंत्री जन धन योजना जीरो बैलेंस होने के बावजूद निकाल सकेंगे खाते से पैसे

प्रधानमंत्री जन धन योजना जीरो बैलेंस होने के बावजूद निकाल सकेंगे खाते से पैसे, जानें क्या है


अगर किसी बैक में आपका सेविंग अकाउंट है तो आपको नियमों के अनुसार प्रधानमंत्री जन धन योजना में मिनिमम बैलेंस 5 हजार से 10 हजार तक रखने के लिए कहा है। वहीं प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले खाते में ग्राहकों को किसी भी तरह मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं। इस संबंध में जनसत्ता की ये रिपोर्ट पढ़ें:

जनसत्ता : Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana : अगर किसी बैक में आपका सेविंग अकाउंट है तो आपको नियमों के मुताबिक उसमें मिनिमम बैलेंस रखना पड़ता है। अलग-अलग बैंकों द्वारा यह सीमा अलग-अलग होती है। बैंक पांच हजार से 10 हजार रुपए मिनिमम बैलेंस का रखने के लिए कहते हैं।

वहीं प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले खाते में ग्राहकों को किसी भी तरह मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं। ग्राहको जीरो मिनिमम बैलेंस रख सकते हैं। वहीं इस योजना के तहत खुले खातों में ओवरड्रॉफ्ट की सुविधा दी जाती है। यानि कि खाताधारकों को जीरो बैलेंस पर पांच हजार रुपए ओवरड्रॉफ्ट की सुविधा दी जाती है। ओवरड्रॉफ्ट एक छोटे वक्त तक के लिए दिया गया लोन होता है। 

यह सुविधा वे ही खाताधारक उठा सकते हैं जो पहले 6 महीनों के लिए योजना के तहत निर्धारित पर्याप्त बैलेंस रखते हैं। इसके साथ ही उन्हें रुपे डेबिट कार्ड से एक्टिब ट्रांजैक्शन करना भी जरूरी होता है। इसके साथ ही ग्राहक का खाता आधार से लिंक होना चाहिए। अगर आपने इन तीनों में से कोई भी चीज नहीं की है तो यह बैंकों के विवेक पर निर्भर करता है कि आपको ओवरड्रॉफ्ट की सुविधा दी जाए या नहीं।

बता दें कि 5 हजार रुपए के ओवरड्रॉफ्ट पर बैंक ब्याज भी लेते हैं। इसके अलावा खाताधारक की अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री भी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए जरूरी है। क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी होने पर पांच हजार की इस सीमा को 15 हजार रुपए तक बढाया भी जा सकता है। ओवरड्रॉफ्ट पर बैंक 12 प्रतिशत से 20 प्रतिशत का ब्याज लेते हैं। 

हालांकि ओवरड्रॉफ्ट पर लिए जाने वाले ब्याज दर की सीमा हर बैंक की अलग-अलग होती है। बता दें कि इस योजना के तहत 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए बैंक अकाउंट के लिए सरकार ने दुर्घटना बीमा 1 लाख रुपये से बढाकर 2 लाख कर दिया है। सरकार का कहना है कि आगामी दिनों में इस योजना का दायरा अभी और बढने वाला है।

स्रोत: जनसत्ता
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4 से 9 दिसंबर तक पीएम आवास योजना में करें आवेदन

4 से 9 दिसंबर तक पीएम आवास योजना में करें आवेदन


पीएम आवास योजना शहरी क्षेत्र से वंचित लोगों को आवेदन का मौेका दिया। 4 से 9 दिसंबर तक शिविर लगेगा।प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए 30 वर्ग मीटर का प्लाट होना अनिवार्य है। इस संबंध में नवभारत टाइम्स की ये रिपोर्ट पढ़ें:।

नवभारत टाइम्स : एनबीटी न्यूज, हापुड़ :

प्रशासन ने पीएम आवास योजना शहरी क्षेत्र से वंचित लोगों को आवेदन का मौका दिया है। जिले की तीनों तहसील व बाबूगढ़ नगर पंचायत में 4 से आगामी 9 दिसंबर तक शिविर लगेगा। जहां आवेदन किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता के पास 30 गज का प्लाट होना अनिवार्य है। योजना में मकान बनवाने के लिए बीते 2 वर्ष में कई बार शिविर लगे, हजारों ने आवेदन किए। जांच के बाद पात्रों को भवन निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई।

योजना में आवेदन से वंचित लोग जिलाधिकारी व डूडा कार्यालय में चक्कर लगाते हैं। इसके बाद डीएम अदिति सिंह के निर्देश पर हापुड़, धौलाना व गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र व बाबूगढ़ नगर पंचायत में गत 4 से आगामी 9 दिसंबर तक शिविर लगाया जा रहा। जिला परियोजना अधिकारी योगराज सिंह गौतम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए 30 वर्ग मीटर का प्लाट होना अनिवार्य है। इसके अलावा बैंक की पासबुक, शपथ पत्र, आय का प्रमाण पत्र भी होना चाहिए।


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बिजली निगम की जुर्माना माफी योजना 31 दिसंबर तक बढ़ी

बिजली निगम की जुर्माना माफी योजना 31 दिसंबर तक बढ़ी


बिजली निगम की जुर्माना माफी योजना-2019 की अवधि को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस योजना के तहत वैसे तो प्रदेशभर के करीब दो लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इस संबंध में जागरण की ये रिपोर्ट पढ़ें:

जागरण संवाददाता, करनाल

बिजली निगम की जुर्माना माफी योजना-2019 की अवधि को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। योजना के प्रति उपभोक्ताओं के उत्साह को देखते हुए सरकार की ओर से इसको आगे बढ़ाने का फैसला लिया। बिजली निगम के मुताबिक जिले में 69 हजार 811 हैं ट्यूबवेल कनेक्शन हैं। इस योजना के दायरे में 33 हजार 138 उपभोक्ता आ रहे हैं। इतने उपभोक्ता ट्यूबवेल का बिल जमा नहीं कराने के कारण डिफाल्टर हुए हो चुके थे। अब तक इस योजना का लाभ 12 हजार 413 उपभोक्ताओं उठा चुके हैं। सभी उपभोक्ता इसका लाभ लें इसके लिए निगम अधिकारियों ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया है। इसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं। अब तक 6.74 करोड़ रुपये निगम के खजाने में जमा हो चुके हैं।

क्या है जुर्माना माफी 2019 योजना?

जो किसान किसी कारण से ट्यूबवेल का बिल जमा नहीं करा पाए थे, ओर जुर्माने के साथ राशि अधिक हो गई थी उनके लिए प्रदेश सरकार ने जुर्माना माफी योजना-2019 शुरू की है। जिसके तहत किसान 31 मार्च, 2019 तक के ट्यूबवेल कनेक्शनों के बकाया बिलों पर जुर्माना राशि को छोड़कर केवल मूल राशि जमा करवा सकते हैं। यह योजना 31 दिसंबर तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत वैसे तो प्रदेशभर के करीब दो लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, करनाल जिले में 33138 उपभोक्ता इस जुर्माना माफी योजना का लाभ ले सकते हैं। किसानों का ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन दो साल में कटा है, वह बिना जुर्माने के सिर्फ बकाया मूल राशि जमा करवाने व निगम के अनुसार री-कनेक्शन की फीस जमा करवाने पर उनका कनेक्शन चालू कर दिया जाएगा।

योजना के तहत किस डिविजन की क्या है उपभोक्ताओं की स्थिति

डिविजन का नाम डिफाल्टरों की संख्या कितनों ने लाभ लिया कितनी राशि जमा हुई

सिटी डिविजन 8838 1696 17.95 लाख

सब डिविजन अर्बन-1 5482 1416 42.85

सब डिविजन अर्बन-2 12581 6604 252.88

असंध 6237 2697 360.31

कुल 33138 12413 673.99 नोट : यह आंकड़े बिजली निगम की ओर से जारी किए गए हैं।

लगाए जा रहे हैं खुले दरबार, फायदा उठाएं उपभोक्ता

जुर्माना माफी योजना-2019 की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी गई है। जो उपभोक्ता किसी कारण वंश इस योजना का लाभ नहीं ले सके उनके लिए यह सुनहरा मौका है। लोगों को योजना के बारे में गांव-गांव जाकर खुले दरबार लगाकर जानकारी दी जा रही है। कोई भी उपभोक्ता योजना से जुड़ी जानकारी बिजली निगम कार्यालय में आकर ले सकता है। उपभोक्ताओं से अपील है कि ट्यूबवेल के बिलों पर जो जुर्माना लगा हुआ था उसको योजना के तहत माफ कराएं।

धर्म सुहाग, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम करनाल।

स्रोत: जागरण
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2019-12-07

प्रधानमंत्री आवास योजना में 96 प्रतिशत लाभुकों को मिली स्वीकृति

प्रधानमंत्री आवास योजना में 96 प्रतिशत लाभुकों को मिली स्वीकृति


केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गयी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार के बेगूसराय जिला में लगभग 96 प्रतिशत लोगों को अपना घर मुहैया कराने की मंजूरी मिल गयी है । इस संबंध में जागरण की ये रिपोर्ट पढ़ें:

जागरण : बेगूसराय। सबके लिए पक्का मकान के नारे के साथ सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर आवासविहीन लाभुकों के लिए पक्का आवास का निर्माण कर रही है। आवास निर्माण की इस योजना के तहत जिले में 96 प्रतिशत लाभुकों को आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। सरकार व विभाग द्वारा बैकलॉग सहित वर्ष 2019-20 में 35840 आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 34417 लाभुकों को आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिसमें बरौनी एवं शाम्हो अकहा कुरहा प्रखंड द्वारा निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध शत प्रतिशत आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। हालांकि चालू वित्तीय वर्ष में 2 दिसंबर तक 1404 आवास निर्माण का कार्य पूर्ण हो सका है। प्रधानमंत्री आवास योजना को ले प्रखंड वार उपलब्धि की बात करें, तो उपलब्धि इस प्रकार है। प्रखंड लक्ष्य स्वीकृत पूर्ण आवास प्रतिशत उपलब्धि 

बछवाड़ा 2794 2674 64 95.71

बखरी 1508 1482 171 98.28

बलिया 1857 1831 78 98.60

बरौनी 1686 1686 86 100.00

बेगूसराय 3373 3372 286 99.97

भगवानपुर 2843 2726 142 95.88

वीरपुर 1451 1427 10 98.35

चेरिया बरियारपुर 1858 1749 39 94.13

छौड़ाही 2306 2185 142 94.75

डंडारी 1130 1101 64 97.43

गढ़पुरा 2058 1953 23 94.90

खोदावंदपुर 1433 1275 16 88.97

मंसुरचक 1014 1011 56 99.70

मटिहानी 3079 2905 124 94.35

नावकोठी 1729 1587 40 91.79

साहेबपुर कमाल 3171 3008 22 94.96

शाम्हो अकहा कुरहा 576 576 16 100.00

तेघड़ा 1974 1869 25 94.68

इनसेट

बढ़े लक्ष्य के विरुद्ध शीघ्र स्वीकृति देने का निर्देश

जागरण संवाददाता, बेगूसराय : डीआरडीए सभागार में शनिवार को आवास पर्यवेक्षकों की बैठक हुई। जिसमें डीआरडीए के लेखा पदाधिकारी कृष्ण कुमार गुप्ता ने विभिन्न प्रखंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जानकारी दी कि आवास निर्माण योजना में हो रहे बेहतर कार्य को ले सरकार के स्तर से जिले में दो हजार आवास निर्माण करने का लक्ष्य और बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बढ़े लक्ष्य के विरुद्ध लाभुकों को शीघ्र आवास निर्माण की स्वीकृति देने का निर्देश दिया। बैठक में विभिन्न प्रखंडों के आवास पर्यवेक्षक व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

स्रोत: जागरण
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Van Gram Vikas Yojana: Unstarred Question in Loksabha

Van Gram Vikas Yojana


(a) whether any Van Gram Vikas Yojana has been worked out by the Government for the development of forest villages and if so, the details thereof, State/ UT-wise;
(b) whether any proposal has been received by the Government for the implementation of Van Gram Vikas Yojana from the Government of Madhya Pradesh in Mandala, Umaria, Hoshangabad, Devas and Raisen districts; and
(c) if so, the details thereof along with the details of the released/utilised amounts during the last three years and the current year?

To know the answer of above questions reg. Van Gram Vikas Yojana please see below the full text of Rajyasabha unstarred Question No.3214.

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF ENVIRONMENT, FORESTS AND CLIMATE CHANGE
LOK SABHA
UNSTARRED QUESTION NO: 3214
ANSWERED ON: 06.12.2019

Van Gram Vikas Yojana

Uday Pratap Singh

Will the Minister of ENVIRONMENT, FORESTS AND CLIMATE CHANGE be pleased to state:-

(a) whether any Van Gram Vikas Yojana has been worked out by the Government for the development of forest villages and if so, the details thereof, State/ UT-wise;
(b) whether any proposal has been received by the Government for the implementation of Van Gram Vikas Yojana from the Government of Madhya Pradesh in Mandala, Umaria, Hoshangabad, Devas and Raisen districts; and
(c) if so, the details thereof along with the details of the released/utilised amounts during the last three years and the current year?

ANSWER

MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF ENVIRONMENT, FOREST AND CLIMATE CHANGE
(SHRI BABUL SUPRIYO)

(a) to (c) As informed by Ministry of Tribal Affairs, a programme for development of forest villages had been implemented since 2005-06 as a one-time measure for integrated development of forest villages with a view to raise the Human Development Index (HDI) of the inhabitants of the forest villages and for providing basic facilities and services in 2,474 forest villages/habitations that were covered under the scheme spread over twelve States in the country. The programme included infrastructure works relating to basic services and facilities viz., approach roads, healthcare, primary education, minor irrigation, rain water harvesting drinking water, sanitation, community halls, etc. and activities related to income generation. The programme was implemented as a part of the Special Area programme “Special Central Assistance to Tribal Sub-Plan” and funds were released from the year 2006-07 to 2011-12 only. No fund has been released during 2012-13 and onwards. A statement showing the state-wise number of forest villages/habitations in various parts of the country, covered under the aforesaid programme, is at Annexure.

As per information received from Government of Madhya Pradesh, it is further informed that projects for the development of forest villages under Van Gram Vikas Yojana was submitted by the Government of Madhya Pradesh in six phases. Mandla, Umaria, Hoshangabad, Dewas and Raisen districts were also included in the Project. An amount of Rs. 259.94 crore was sanctioned of which Rs. 253.68 crores was utilized. The programme was closed in the financial year 2010-11. Therefore no expenditure was incurred during last three financial years.

***

Source: Loksabha

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Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana : Unstarred Question in Loksabha

Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana


(a) whether the Ministry has taken note that under the National Food Security Act, all pregnant women except those already receiving similar benefits under other schemes are entitled to maternity benefits of Rs. 6,000 per child;
(b) if so, how does the Ministry justify restricting the Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana (PMMVY) to the first living child; and
(c) thereasons behind the decision of the Ministry in restricting PMMVY benefits to Rs. 5,000 instead of Rs. 6,000?

To know the answer of above questions reg. Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana please see below the full text of Rajyasabha unstarred Question No.3146.

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF WOMEN AND CHILD DEVELOPMENT
LOK SABHA
UNSTARRED QUESTION NO: 3146
ANSWERED ON: 06.12.2019

Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana

Thirumaa Valavan Thol

Will the Minister of WOMEN AND CHILD DEVELOPMENT be pleased to state:-

(a) whether the Ministry has taken note that under the National Food Security Act, all pregnant women except those already receiving similar benefits under other schemes are entitled to maternity benefits of Rs. 6,000 per child;
(b) if so, how does the Ministry justify restricting the Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana (PMMVY) to the first living child; and
(c) thereasons behind the decision of the Ministry in restricting PMMVY benefits to Rs. 5,000 instead of Rs. 6,000?

ANSWER
MINISTER FOR WOMEN AND CHILD DEVELOPMENT
(SHRIMATI SMRITI ZUBIN IRANI)

(a) to (c) The National Food Security Act, 2013 (NFSA) provides that subject to such schemes as may be framed by the Central Government, every Pregnant Women &Lactating Mother (PW&LM), except those who are in regular employment with the Central Government or State Government or Public Sector Undertaking or those who are in receipt of similar benefits under any law for the time being in force, shall be entitled to maternity benefit of not less than rupees six thousand, in such instalments as may be prescribed by the Central Government.

Under Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana (PMMVY), maternal benefit of Rs. 5,000/- is provided in three instalments to eligible Pregnant Women & lactating Mothers (PW&LM) during the period of pregnancy and lactation. The eligible beneficiary also receives the remaining cash incentive as per approved norms towards maternity benefit under Janani Suraksha Yojana (JSY) after institutional delivery so that on an average, a woman gets Rs. 6,000/-.

The maternity benefits under PMMVY are available to the eligible beneficiaries for first living child of family. Normally, the first pregnancy of a woman exposes her to new kinds of challenges and stress factors. Hence, the scheme provides support to the mother for safe delivery and immunization of her first living child.

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Source: Loksabha

PDF/WORD (Hindi)                                                                                         PDF/WORD (English)
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