All about Pradhan Mantri yojana and other government schemes in India.

2019-11-02

75 प्रतिशत की सब्सिडी पर शेड नेट हाउस बनाकर करें पान की खेती

75 प्रतिशत की सब्सिडी पर शेड नेट हाउस बनाकर करें पान की खेती

अनुदान पर शेडनेट हाउस में पान की खेती 


जब पान की बात हो तो उसमें दो पान की चर्चा जरुर होती है एक बनारसी पान दूसरा मगही पान | बनारसी पान का सम्बंध उत्तर प्रदेश के बनारस से होती है तो मगही पान बिहार के मगध से सम्बन्धित है | मगध का संबन्ध मौर्य वंश से है | पान लोगों के लिए शौक के साथ ही औषधी है , इसके अलावा पूजा में भी उपयोग किया जाता है | 

पान की मांग देश के अलावा विदेशों में होने के कारण राज्य सरकार किसानों को पान की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है | इसी के तहत बिहार सरकार मगही पान को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सब्सिडी दे रही है | इस वर्ष मगही पान को जी.आई.टैग भी मिल गया है | जी.आई.टैग का मतलब यह होता है कि किसी खास वस्तु को किसी खास जगह से जुड़ाव होना तथा यह दुसरे जगह नहीं मिलेगा |

इसका मतलब यह हुआ कि मगही पान केवल बिहार में ही उत्पादन होता है | इस बार पान कि खेती के लिए शेड नेट उपलब्ध कराया जा रहा है | शेड नेट पर राज्य सरकार सब्सिडी दे रही है | सरकार के द्वारा किसानों को शेड नेट हाउस में पान की खेती पर सब्सिडी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है , इसकी पूरी जानकारी किसान समाधान लेकर आया है |

योजना किस राज्य तथा जिलों के लिए है ? 


जैसा कि नाम से मालूम है मगही पान बिहार से सम्बन्धित है अर्थात यह योजना बिहार राज्य सरकार के द्वारा चलायी जा रही है | योजना के अनुसार बिहार के वैशली, खगड़िया, दरभंगा, भागलपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, औरंगाबाद शेखपुरा, बेगुसराय, सारण, सिवान एवं मुंगेर जहाँ पान कि खेती होती है | 

किसानों को कितना सब्सिडी तथा सहायता दिया जा रहा है ?


योजना के अनुसार 100 किसानों के लिए लक्ष्य रखा गया है | प्रत्येक किसान को 500 वर्गमीटर के लिए लाभ दिया जायेगा | सभी किसान को शेडनेट में पान की खेती के लिए योजना का लाभ दिया जायेगा | 500 वर्गमीटर शेडनेट में पान कि खेती पर 4.25 लाख रूपये खर्च दिया जायेगा | इस लागत का 75 प्रतिशत सब्सिडी राज्य सरकार दे रही है | इस वर्ष केवल शेड नेट तैयार की जायेगा तथा अगले वर्ष से उस शेड नेट में पान कि खेती की जाएगी | इस योजना पर इन दो वित्तीय वर्षों में कुल 339.66 लाख रुपये व्यय की जायेगी, जिनमें वित्तीय वर्ष 2019–20 में 286.46 लाख रुपया एवं वित्तीय वर्ष 2020 – 21 में 53.2 लाख रुपये व्यय किया जायेगा | 

शेड नेट में पान की खेती 


बिहार में जलवायु अधिक गर्म होने के कारण इसकी खेती खुले खेतों में नहीं की जा सकती है | इसलिए इसे कृत्रिम मंडप के अंदर उगाया जाता है, जिसे बरेजा/ बरेठ कहते हैं | स्थानीय तौर पर बरेजा का निर्माण बाँस, पुआल, कांस, सुटली इत्यादी के उपयोग कर बनाया जाता है, जो प्राकृतिक आपदा से आसानी से बर्बाद हो जाता है | साथ ही, लोटी विधि से पटवन भी काफी खर्चीला एवं परिश्रम होता है | फलस्वरूप कृषकों को बेवजह अतिरिक्त व्यय एवं परिश्रम करना पड़ता है |

इतना ही नहीं परम्परागत बरेजा में पान उपज हेतु संतुलित वातावरण (तापमान, आद्रता) नहीं पाये जाने के कारण रोग तथा कीट – व्याधि प्रकोप बढ़ जाता है | फलस्वरूप किसानों को बेवजह खेती में अधिक व्यय करना पड़ता है |कृषि विभाग द्वारा इस समस्या का समाधान एवं कृषक हित में संरक्षित कृषि के अन्तर्गत शेड नेट में पान की खेती का प्रत्यक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है | 

अन्य दी जाने वाली सहायतायें ?


इस योजना के तहत पान कि खेती के लिए ड्रिप तथा स्प्रिंक्ल की सहायता दी जाएगी जिससे पान की गुणवक्ता के साथ उत्पादन में वृद्धि होता है |

Share:

0 comments:

Post a Comment

We are not the official website and are not linked to any Government or Ministry. All the posts published here are for information purpose only. Please do not treat as official website and please don't disclose any personal information here.

Copyright © 2015 Prime Minister's Schemes प्रधानमंत्री योजना. All rights reserved.

Categories

Copyright © Prime Minister's Schemes प्रधानमंत्री योजना | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com