प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) - ऑनलाईन आवेदन कैसे करें, दिशा-निर्देश, FAQ - सम्‍पूर्ण जानकारी

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) - सम्‍पूर्ण जानकारी

 
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)

माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिनांक 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) लांच किया गया। इसके अंतर्गत गैर-कॉरपोरेट, गैर कृषि, लघु उद्यमों को 10 लाख तक का ऋण उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था की गई। इस योजना के तहत कोई भी व्‍यक्ति जिसे 10 लाख तक के ऋण की आवश्‍यकता है वह आवेदन कर सकता है। ऋण की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए तीन श्रेणियों में लोन की व्‍यवस्‍था की गई है-
  1. शिशु, 
  2. किशोर और
  3. तरूण
शिशु योजना के अंतर्गत 50000 तक के लोन के लिए अप्‍लाई किया जा सकता है।
किशोर योजना के अंतर्गत 50000 से अधिक और 5 लाख रूपये तक के लोन के लिए अप्‍लाई किया जा सकता है।
तरूण योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक और 10 लाख रूपये तक के लोन के लिए अप्‍लाई किया जा सकता है।

इस योजना के लिए लोन प्राप्ति के लिए कहां सम्‍पर्क करें 

इस योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्ति के लिए किसी भी वाणिज्यिक बैंक, आरआरबी, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, एमएफआई और एनबीएफसी से सम्‍पर्क किया जा सकता है। आप सीधे ऑनलाईन पोर्टल के माध्‍यम से भी आवेदन कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) - ऑनलाईन आवेदन कैसे करें

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल http://www.udyamimitra.in/ पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। 

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQ)

    1. मुद्रा क्या है?

    मुद्रा यानी माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनैन्स एजेंसी लि. सूक्ष्म इकाइयों के विकास तथा पुनर्वित्तपोषण से संबंधित गतिविधियों हेतु भारत सरकार द्वारा गठित एक नयी संस्था है। इसकी घोषणा माननीय वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष २०१६ का बजट पेश करते हुए की थी। मुद्रा का उद्देश्य गैर निगमित लघु व्यवसाय क्षेत्र को अंतिम छोर पर स्थित विभिन्न संस्थाओं जैसे बैंकों/गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों तथा अल्प वित्त संस्थाओं के माध्यम से निधिपोषण उपलब्ध कराना है।
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    2. मुद्रा का गठन किसलिए किया गया है?

    गैर-निगमित लघु व्यवसाय क्षेत्र (एनसीएसबीएस) में उद्यमिता के विकास की सब से बड़ी बाधा है क्षेत्र को वित्तीय सहायता का उपलब्ध न होना। इस क्षेत्र के ९०% से अधिक हिस्से को औपचारिक स्रोतों से वित्त उपलब्ध नहीं हो पाता। भारत सरकार एक सांविधिक अधिनियमन के अंतर्गत मुद्रा बैंक की स्थापना कर रही है, ताकि एनसीएसबीएस घटक अथवा अनौपचारिक क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके और उन्हें मुख्य धारा में लाया जा सके। जब तक मुद्रा लि. के रुप में एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी की स्थापना के लिए मुद्रा बैंक हेतु अधिनियम पारित नहीं हो जाता तब तक इसे सिडबी की सहायक संस्था के रूप में स्थापित किया गया है।

    3. मुद्रा की भूमिका तथा दायित्व क्या होंगे?

    मुद्रा अंतिम छोर पर स्थित उन सभी वित्तपोषकों, जैसे लघु व्यवसायों के वित्तपोषण में संलग्न विभिन्न प्रकार की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, समितियों, न्यासों, धारा ८ (पूर्ववर्ती धारा २५) की कंपनियों, सहकारी समितियों, छोटे बैंकों, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पुनर्वित्त उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी होगा, जो विनिर्माण, व्यापार तथा सेवा- गतिविधियों में लगी सूक्ष्म/लघु व्यवसाय इकाइयों को ऋण प्रदान करते हैं। यह बैंक राज्य/क्षेत्रीय स्तर के मध्यवर्ती समन्वयकों के साथ भागीदारी करेगा, ताकि लघु/सूक्ष्म व्यवसाय उद्यमों के अंतिम छोर पर स्थित वित्तपोषकों को वित्त उपलब्ध कराया जा सके।

    4. मुद्रा क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध कराएगा? मुद्रा कैसे कार्य करेगा?

    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तत्वावधान में, मुद्रा ने पहले से ही अपने प्रारंभिक उत्पाद/ योजनाएं तैयार कर ली हैं। इन पहलकदमियों को 'शिशु', 'किशोर' तथा 'तरुण' नाम दिए गए हैं, जो वृद्धि/विकास के चरण और लाभग्राही सूक्ष्म इकाई /उद्यमी की निधिक आवश्यकताओं के द्योतक हैं। साथ ही वे विकास/वृद्धि के अगले चरण का भी बोध करता हैं। इनकी सीमाएं निम्नवत हैं-
    क. शिशु :  ५०,०००/- तक के ऋण हेतु
    ख. किशोर :  ५०,०००/- से अधिक तथा  ५ लाख तक के ऋण हेतु
    ग. तरुण :  ५ लाख से  १० लाख तक के ऋण हेतु

    मुद्रा की ऋण-प्रदायगी प्रणाली इस प्रकार परिकल्पित है, जिसमें मुख्यतया बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों/ अल्प वित्त संस्थाओं के जरिए पुनर्वित्त प्रदान किया जाएगा।
    साथ ही, ज़मीनी स्तर पर वितरण चैनल का विकास तथा विस्तार करने की भी आवश्यकता है। इस सन्दर्भ में, कंपनियों, न्यासों, समितियों, संघों तथा अन्य नेटवर्कों के रूप में पहले से ही बड़ी संख्या में अंतिम छोर के वित्तपोषक मौजूद हैं, जो लघु व्यवसायों को अनौपचारिक वित्त उपलब्ध करा रहे हैं।

    5. मुद्रा के लक्ष्य ग्राहक कौन हैं / किस प्रकार के उधारकर्ता मुद्रा से सहायता पाने के पात्र हैं?

    ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में स्थित गैर निगमित लघु व्यवसाय घटक (एनसीएसबीएस), जिनमें ऐसी लाखों प्रोप्राइटरशिप/पार्टनरशिप फर्में शामिल हैं, जो लघु विनिर्माण इकाइयाँ, सेवा क्षेत्र की इकाइयाँ, दुकानदार, फल/सब्जी विक्रेता, ट्रक परिचालक, खाद्य-सेवा इकाइयां, मरम्मत की दुकानें, मशीन परिचालन, लघु उद्योग, दस्तकार, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा व्यवसाय चलाते हैं।

    6. क्या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) मुद्रा से सहायता हेतु पात्र हैं?

    जी हाँ, मुद्रा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को उनकी तरलता बढ़ाने के लिए पुनर्वित्त सहायता उपलब्ध कराएगा।

    7. मुद्रा द्वारा प्रभारित की जाने वाली ब्याज दर क्या है?

    मुद्रा एक पुनर्वित्त संस्था होगी, जो अंतिम छोर के वित्तपोषकों को निधियां उपलब्ध कराएगी, ताकि वे इस क्षेत्र को वित्तपोषण उपलब्ध करा सकें। ग्राहक के लिए मुद्रा की सबसे अनूठी मूल्यवत्तापूर्ण अवधारणा होने जा रही है - उचित मूल्य पर वित्त तक आसान पहुँच। अंतिम ऋणकर्ता के लिए निधि की लागत को कम करने हेतु मुद्रा वित्तीयन के कई प्रकार के नवोन्मेषी उपाय करेगा।

    8. मेरा कागज़ के सामान का एक छोटा-सा व्यवसाय है। क्या मुद्रा मेरी सहायता कर सकता है?

    ऐसी गतिविधियों के लिए बैंकों/ गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों/अल्प वित्त संस्थाओं के माध्यम से मुद्रा ऋण उपलब्ध है। सभी प्रकार की विनिर्माण, ट्रेडिंग तथा सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के लिए मुद्रा ऋण लिया जा सकता है। ऋणों को 'शिशु', 'किशोर', तथा 'तरुण' ऋण के रुप में वर्गीकृत किया गया है। ये उत्पाद उद्यम-जगत के निचले सिरे पर परिचालनरत ग्राहकों की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु बनाए गए हैं। ये ऋण अल्प वित्त संस्थाओं, एनबीएफसी, बैंकों, आदि के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
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    9. मैंने हाल ही में स्नातक की परीक्षा पास की है। मैं अपना स्वयं का व्यवसाय आरंभ करना चाहता हूँ। क्या मुद्रा मेरी सहायता कर सकता है?

    मुद्रा ऋण तीन श्रेणियों में उपलब्ध है। 'शिशु' श्रेणी के अंतर्गत  ५०,००० तक के छोटे ऋण तथा 'किशोर' श्रेणी के अंतर्गत  ५०,००० से अधिक और  ५ लाख तक के ऋण उपलब्ध कराता है। 'तरुण' श्रेणी के अंतर्गत यह  ५ लाख से अधिक और  १० लाख तक के ऋण भी उपलब्ध कराता है। आपकी व्यवसाय की प्रकृति तथा परियोजना की जरुरत के अनुसार आप मुद्रा की किसी भी मध्यवर्ती संस्था से मानदंडों के अनुरूप वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

    10. मेरे पास खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा है। मैं अपनी स्वयं की इकाई आरंभ करना चाहता हूँ। कृपया मेरा मार्गदर्शन करेंI

    खाद्य प्रसंस्करण मुद्रा की योजनाओं के अंतर्गत सहायता हेतु पात्र गतिविधि है। आप अपनी आवश्यकतानुसार मुद्रा की योजनाओं के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण हेतु किसी भी बैंक / वित्तीय संस्था, अल्प वित्त संस्था, गैर बैंकिंग कंपनियों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

    11. मैं ज़री के काम में दक्ष एक दस्तकार हूँ। मैं दूसरों के लिए जॉब वर्क करने के बजाय अपना स्वयं का काम शुरू करना चाहता हूँ। क्या मुद्रा मेरी सहायता कर सकता है?

    आप अपने उद्यम की स्थापना हेतु अपने क्षेत्र में कार्यरत किसी भी अल्प वित्त संस्था के माध्यम से मुद्रा की अल्प ऋण योजना की 'शिशु' श्रेणी के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

    12. मैंने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है। मैं अपना बुटीक खोलना चाहती हूँ तथा अपना खुद का ब्रांड विकसित करना चाहती हूँ। मुद्रा मेरी क्या सहायता कर सकता है?

    मुद्रा महिला उद्यमियों हेतु 'महिला उद्यम निधि' नामक एक विशेष योजना संचालित करता है। इस योजना के अंतर्गत सभी तीन श्रेणियों यानी 'शिशु', 'किशोर' एवं 'तरुण' के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाएगी।अल्प वित्त संस्थाओं/ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से ऋण लेने वाली महिला ऋण कर्ताओं को ब्याज दर में २५ बीपीएस की छूट मिलेगी।

    13. मैं फ्रैन्चाइजी मॉडल पर काम करना चाहता हूँ और अपना एक आइसक्रीम पार्लर खोलना चाहता हूँ। क्या मुद्रा मेरी सहायता कर सकता है?

    मुद्रा "व्यवसायियों तथा दुकानदारों हेतु व्यवसाय ऋण" नामक एक विशेष योजना संचालित करता है। आप इस योजना के अंतर्गत अपनी आवश्यकतानुसार अपने क्षेत्र के किसी बैंक / अल्प वित्त संस्था / गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी से सुविधाएँ प्राप्त कर सकते हैं।

    14. मेरा पॉटरी का व्यवसाय है। मैं और अधिक वरायटी और डिज़ाइनें शामिल करके इसका विस्तार करना चाहता हूँ। मुझे मुद्रा से क्या सहायता मिल सकती है?

    आप अपने उद्यम की स्थापना हेतु अपने क्षेत्र में कार्यरत किसी भी अल्प वित्त संस्था के माध्यम से मुद्रा की अल्प ऋण योजना की 'शिशु' श्रेणी के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

    15. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का दायरा क्या है? इसके अंतर्गत किस-किस प्रकार के ऋण उपलब्ध हैं? कौन-सी एजेंसियाँ ऋण प्रदान करेंगी?

    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों जैसे पीएसयू बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों, अल्प वित्त संस्थाओं तथा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध होगी। ०८ अप्रैल २०१५ के बाद से गैर-कृषि क्षेत्र में आय-अर्जक गतिविधियों के लिए प्रदान किए गए  १० लाख तक के सभी ऋणों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में समाहित माना जाएगा।

    16. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के कार्यान्वयन की निगरानी कौन करेगा?

    राज्य स्तर पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की निगरानी राज्यस्तरीय बैंकर समिति के ज़रिए और राष्ट्रीय स्तर पर मुद्रा/ वित्तीय सेवाएं विभाग, भारत सरकार द्वारा की जाएगी। इस उद्देश्य हेतु मुद्रा ने एक पोर्टल विकसित किया है, जिसमें बैंक तथा अन्य ऋणदात्री संस्थाएं सीधे अपनी उपलब्धि के विवरण भरेंगी। इसे सिस्टम द्वारा समेकित किया जाता है और समीक्षा के लिए रिपोर्टें जनरेट की जाती हैं।

    17. क्या केन्द्र/ राज्य सरकार की कोई ऐसी योजना है, जो पूरे भारत पर लागू है और जिसमें बिना गारंटी / गारंटर तथा पहचान की जांच के बिना ऋण दिया जाता है?

    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) भारत सरकार की योजना है, जो छोटे उधारकर्ताओं को गैर-कृषि, आय-अर्जक गतिविधियों के लिए बैंकों, अल्प वित्त संस्थाओं, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से  १० लाख तक के ऋण लेने की सुविधा देती है। आम तौर पर, बैंकों द्वारा सूक्ष्म/ लघु उद्यमों को  १० लाख तक के ऋण बिना किसी संपार्श्विक प्रतिभूति के जारी किए जाते हैं।

    18. क्या बढ़ईगिरी और आरओ वॉटर प्लाण्ट इन्स्टालेशन, ऋण के लिए पात्र हैं? यदि हाँ, तो ऋण की अधिकतम और न्यूनतम राशि क्या है?

    बढ़ईगिरी और व्यावसायिक स्तर के आरओ वॉटर प्लाण्ट इन्स्टालेशन मुद्रा ऋण के अन्तर्गत पात्र गतिविधियाँ हैं, बशर्ते ऋण राशि  १० लाख से कम हो। मुद्रा ऋण की प्राथमिक शर्त यह है कि वह विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार और सेवा क्षेत्र की आय-अर्जक गतिविधि के लिए होना चाहिए तथा ऋण राशि  १० लाख से कम होनी चाहिए।

    19. मुद्रा ऋण लेने के लिए व्यक्तियों की पात्रता क्या है?

    भारत का कोई भी नागरिक जिसकी गैर-कृषि क्षेत्र की आय-अर्जक गतिविधि जैसे विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार अथवा सेवा क्षेत्र के वाली व्यवसाय योजना हो और जिसकी ऋण-आवश्यकता  १० लाख से कम हो, वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अन्तर्गत मुद्रा ऋण प्राप्त करने के लिए किसी बैंक, अल्प वित्त संस्था अथवा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी से संपर्क कर सकता है। पीएमएमवाई के अन्तर्गत ऋण लेने के लिए ऋणदात्री एजेंसी के सामान्य निबंधनों व शर्तों का पालन करना प़ड़ सकता है। उधार-दरें भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशानुसार होती हैं।

    20. क्या प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अन्तर्गत कोई सब्सिडी है? यदि हाँ तो उसके ब्यौरे दें।

    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत दिए जानेवाले ऋणों के लिए कोई सब्सिडी नहीं है। यदि ऋण-प्रस्ताव सरकार की किसी ऐसी योजना से संबद्ध हो, जिसमें सरकार पूँजी सब्सिडी प्रदान करती है, तब भी वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत पात्र होगा।

    21. कृपया मुद्रा का संक्षिप्त परिचय दें।

    मुद्रा का पूरा नाम है- माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनैन्स एजेंसी लि.। यह एक पुनर्वित्त एजेंसी है न कि प्रत्यक्ष ऋण देने वाली संस्था। मुद्रा अपनी ऐसी मध्यवर्ती संस्थाओं जैसे- बैंकों/अल्प वित्त सस्थाओं/ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को पुनर्वित्त प्रदान करता है, जो गैर कृषि क्षेत्र में विनिर्माण, व्यापार तथा सेवा क्षेत्र की आय-अर्जक गतिविधियों को उधार देने का व्यवसाय करती हैं और जो पुनर्वित्त पाने के पश्चात् लाभग्राहियों का वित्तपोषण करेंगी।

    22. क्या आप मुद्रा कार्ड के बारे में जानकारी दे सकते हैं?

    मुद्रा कार्ड एक नवोन्मेषी ऋण उत्पाद है, जिसमें उधारकर्ता बिना किसी झंझट के और लचीले तरीके से उधार ले सकता है। यह उधारकर्ता को सीसी/ओडी के रूप में कार्यशील पूँजी की सुविधा प्रदान करेगा। चूंकि मुद्रा कार्ड रुपे डेबिट कार्ड होगा, इसलिए यह एटीएम से या बिजनेस करेस्पॉण्डेंट से नकद राशि निकालने अथवा विक्रय-बिन्दु मशीन इस्तेमाल करके खरीद करने में इस्तेमाल हो सकता है। जब कभी धन की बचत हुई हो तब राशि लौटाने की सुविधा भी है, ताकि ब्याज का बोझ कम हो सके।

    23. क्या कुम्हार समुदाय के लोगों को कुम्हारी का काम करने में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लाभ मिलेगा?

    हाँ। मुद्रा योजना का उद्देश्य विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार और सेवा क्षेत्र में सभी प्रकार की आय-अर्जक गतिविधियों को सहायता प्रदान करना है। इसमें अपने इलाके में कार्यरत किसी अल्प वित्त संस्था/ बैंक से अल्प ऋण योजना के अंतर्गत सहायता ली जा सकती है।

    24. मुद्रा के अंतर्गत ऋण लेने के लिए किन-किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है?

    ऋण के निबंधन और शर्तें ऋण देनेवाली संस्था और भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के दायरे में रहकर निर्धारित की जाएँगी। आवश्यक दस्तावेज़ों के संबंध में आप अपने इलाके की किसी भी ऋणदात्री संस्था से मार्गदर्शन ले सकते हैं।

    25. ऋण मंजूर न करने की दशा में बैंक के अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत करने के लिए क्या पद्धति निर्धारित है?

    मुद्रा ऋण नहीं दिए जाने के विरुद्ध शिकायतें संबंधित बैंक के उच्चतर प्राधिकारियों, जैसे क्षेत्रीय प्रबंधक/आंचलिक प्रबंधक के यहाँ दर्ज़ कराई जा सकती हैं, बशर्ते ऋण मंजूर करने में बैंक के अधिकारियों की ओर से कोई चूक हुई हो।

    26. क्या आप मुद्रा ऋणों के लिए जमा की जानेवाली प्रतिभूति के विवरण दे सकते हैं?

    सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी योजना की समीक्षा हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा गठित कार्यदल द्वारा की गई तथा रिज़र्व बैंक द्वारा स्वीकार की गई संस्तुतियों के अनुसार बैंकों को अधिदेश दिया गया है कि वे सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्षेत्र की इकाइयों को प्रदान किए गए  १० लाख तक के ऋणों के मामले में संपार्श्विक प्रतिभूति की माँग न करें।

    27. क्या मुद्रा ऋण के आवेदन के लिए कोई मानक प्रारूप है?

    हाँ। शिशु श्रेणी के लिए एक पृष्ठ का आवेदन प्रारूप तैयार किया गया है, जो मुद्रा वेबसाइट पर उपलब्ध है। किशोर और तरुण श्रेणी के लिए ३ पृष्ठ का निदर्शी आवेदन प्रारूप तैयार किया गया है और वह भी मुद्रा की वेबसाइट पर डाल दिया गया है।

    28. क्या आप मुद्रा के अंतर्गत ली गई सहायता से संबंधित चुकौती की शर्तों, पात्रता और कार्य-योजना का संक्षिप्त विवरण दे सकते हैं?

    ऋण के निबंधन व शर्तें ऋणदात्री संस्था तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के व्यापक दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होंगी। ऋणदात्री संस्था सिर्फ प्रस्ताव के गुण-दोष के आधार पर ऋण-अनुरोध पर कार्रवाई करेगी। ऋण-राशि का निर्धारण आय-अर्जक गतिविधि की आवश्यकतानुसार होगा। चुकौती की शर्तें उद्यम के नकदी-प्रवाह तथा उधारकर्ता की पात्रता ऋणदात्री संस्था के मानदंडों के अनुसार निर्धारित होगी।
    ऋण-राशि का निर्धारण आय-अर्जक गतिविधि की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। चुकौती की शर्तें उद्यम में होनेवाले नकदी प्रवाह के अनुसार होंगी और उधारकर्ता की पात्रता ऋणदात्री संस्था के मापदंडों के अनुसार निर्धारित होगी।
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    29. क्या प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सभी बैंकों के लिए अखिल भारतीय स्तर पर लागू है?

    हाँ। वित्तीय सेवाएँ विभाग ने अपने १४ मई २०१५ के पत्र के ज़रिए सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों, सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अनुसूचित सहकारी बैंकों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लागू किए जाने और ०८ अप्रैल २०१५ के बाद आय-अर्जन के लिए मंजूर किए गए  १० लाख तक के सभी ऋणों को प्रधान मंत्री मुद्रा योजना में शामिल करने की सलाह दी है। वित्तीय सेवाएं विभाग ने बैंकों के प्रधान कार्यालयों को विभिन्न निर्देश भी जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि बैंक शाखा-वार लक्ष्य निर्धारित करें और अपने अंचल/क्षेत्रीय/शाखा कार्यालयों को उनसे अवगत कराएँ।

    30. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना गोरखपुर अंचल में कब आरंभ होगी और भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में कब से शुरू होगी?

    इस योजना के अंतर्गत देश के सभी बैंकों में ०८ अप्रैल २०१५ से ऋण संवितरण आरंभ हो गया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक भी शामिल है।

    31. क्या मुद्रा योजना के लिए जीवन बीमा की ज़रूरत पड़ती है?

    प्रधान मंत्री मुद्रा योजना के लिए जीवन बीमा की ज़रूरत नहीं है।

    32. क्या प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में ऋण लेने के लिए पैन कार्ड का होना ज़रूरी है?

    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ऋणों के लिए पैन कार्ड का होना ज़रूरी नहीं है। किन्तु उधारकर्ता को वित्तीय संस्था की 'ग्राहक को जानें' संबंधी अपेक्षाएँ पूरी करनी होंगी।

    33. मुद्रा ऋण में ब्याज-दर कितनी है?

    ब्याज-दरें विनियमन-मुक्त कर दी गई हैं और बैंकों को सूचित किया गया है कि वे भारतीय रिज़र्व बैंक के व्यापक दिशा-निर्देशों के अधीन रहते हुए उचित ब्याज दरें लगाएँ।

    34. यदि ऋणदात्री संस्थाएँ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ऋण न दें तो ऋण पाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

    मामले को संबंधित बैंक के उच्चतर प्राधिकारी के साथ उठाया जा सकता है। आवेदक ऋण के लिए उसी क्षेत्र में कार्यरत किसी दूसरे बैंक अथवा गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था/ अल्प वित्त संस्था के पास जा सकते हैं।

    35. कई जगहों पर सभी बैंक प्रतिभूति/संपार्श्विक प्रतिभूति के लिए दबाव डाल रहे हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत प्रतिभूति/संपार्श्विक प्रतिभूति के लिए दबाव डालने वाले बैंकों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जा सकती है? इस योजना के अंतर्गत ऋण के लिए प्रतिभूति/संपार्श्विक प्रतिभूति माँगने वाले बैंकों के विरुद्ध शिकायत कहाँ की जानी चाहिए?

    किसी भी बैंक-शाखा के विरुद्ध शिकायत संबंधित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय/अंचल कार्यालय/प्रधान कार्यालय में दर्ज़ की जा सकती है। प्रत्येक बैंक की शिकायत समाधान प्रणाली बैंक शाखा में उपलब्ध होगी।

    36. क्या विकलांग व्यक्ति भी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ऋणों के लिए पात्र हैं?

    भारत का हर वह नागरिक मुद्रा ऋण ले सकता है जो ऋण लेने के लिए पात्र हो और जिसके पास आय अर्जक गतिविधि के लिए व्यवसाय-योजना हो। ऋण प्रस्ताव विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार और सेवा क्षेत्र में नए सूक्ष्म व्यवसाय उद्यम की स्थापना/पहले से विद्यमान उद्यम के उन्नयन के लिए होना चाहिए।

    37. क्या प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत  १० लाख के ऋण लेने के लिए पिछले २ वर्ष की आय-कर विवरणियाँ जमा करना जरूरी है?

    आम तौर पर छोटी राशि के ऋणों के लिए आय-कर विवरणियों पर बल नहीं दिया जाता। किन्तु संबंधित ऋणदात्री संस्थाएं अपेक्षित दस्तावेज़ों की जानकारी देंगी।

    38. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना- शिशु ऋण के अंतर्गत प्रस्ताव पर कार्रवाई पूरी करके ऋण देने में कितना समय लगता है?

    शिशु ऋण के अंतर्गत प्रस्ताव पर कार्रवाई करने के लिए पूरी सूचना मिलने पर सामान्यतः ७ से १० दिन के भीतर ऋण दे दिया जाता है।

    39. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत कौन-कौन आवेदन कर सकता है?

    कोई भी व्यक्ति, स्त्री या पुरुष, स्वामित्व-आधारित प्रतिष्ठान, भागीदारी फर्म, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अथवा अन्य निकाय प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण के लिए आवेदन का पात्र है।

    40. क्या सीएनजी टेम्पो/टैक्सी की खरीद के लिए मुद्रा ऋण मिलता है?

    यदि आवेदक सीएनजी टेम्पो/टैक्सी को सार्वजनिक परिवहन के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है तो उसकी खरीद के लिए मुद्रा ऋण मिल सकता है।

    41. मेरा बचत बैंक खाता कॉर्पोरेशन बैंक, उन्नाव, उत्तर प्रदेश में है। क्या बचत बैंक खाते के आधार पर मुद्रा के अंतर्गत ऋण मिलेगा?

    हाँ। आवेदक उस शाखा से संपर्क कर सकता है और संबंधित ऋणदात्री संस्था द्वारा दिए गए प्ररूप में ऋण के लिए आवेदन कर सकता है। ऋण के निबंधन व शर्तें ऋणदात्री संस्था की नीतियों के अनुरूप होंगी, जो भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के व्यापक दायरे में निर्धारित होंगी। ऋण राशि का निर्धारण आय-अर्जक गतिविधि की आवश्यकतानुसार होगा तथा चुकौती की शर्तें उस गतिविधि से होनेवाले नकदी-प्रवाह के अनुरूप निर्धारित होंगी।

    स्रोत : MUDRA

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